बरेली में हुआ हादसाः 10 मिनट में बिछ गईं लाशें, देखकर कांप उठेगी आपकी रूह

Newsjunction24, Bareilly

बरेली-शाहजहांपुर नेशनल हाईवे पर स्थित इंवर्टिस यूनिवर्सिटी के पास पर देर रात गोंडा डिपो की रोडवेज बस और ट्रक में भीषण टक्कर हो गई। टक्कर लगते ही रोडवेज बस में आग लग गई। घटना करीब रात डेढ़ बजे हुई। ज्यादातर यात्री उस समय नींद में थे। कोई कुछ समझ पाता इससे पहले ही पूरी बस धूं-धूंकर जलने लगी।


रविवार की रात करीब दो बजे हुए इस हादसे का मंजर इतना खौफनाक था कि जिसने भी देखा, सिहर उठा। दरवाजे और खिड़कियों पर लाशें फंसी हुईं थीं। बस का टूटा दरवाजा और खिड़कियां यह बयां कर रहे थे कि घटना के दौरान यात्रियों ने बाहर निकलने की जद्दोजहद की मगर फिर भी वे मौत से हार गए। वे बाहर नहीं निकल सके और आग की भीषण लपटों मंे फंसकर उनके शरीर खाक हो गए। लाशों की हालत ऐसी हो चुकी थी कि पुलिस का भी कहना था कि शिनाख्त के लिए डीएनए टेस्ट का सहारा लेना पड़ेगा। पुलिस प्रशासन ने बीस लोगों के मरने की पुष्टि की है। कुछ की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है। उन्हें बरेली के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

साफ दिखी परिवहन निगम की लापरवाही

इस खौफनाक हादसे परिवहन निगम की भी कलई खुल गई। इमरजेंसी गेट लाॅक मिला जोकि किसी आपातकालीन घटना के लिए ही होता है। अगर इमरजेंसी गेट खुल जाता तो शायद इतने लोग मौत का निवाला बनने से बच जाते।

दरवाजे पर पडे़ थे मासूमों के शव

फायर ब्रिगेड की आठ गाड़ियां रात ढाई बजे तक आग पर काबू पा सकीं थीं। इसके बाद जब रोडवेज बस का गेट खोला गया तो रोंगटे खड़े हो गए। गेट के पास ही तीन बच्चों की लाशें पड़ीं थीं। उससे कुछ ही दूरी पर महिलाओं के शव थे। माना जा रहा है कि बच्चों को बचाने कुे लिए महिलाएं उन्हें लेकर गेट की तरफ दौड़ी होंगी लेकिन भीषण लपटों के आगे उनके सारे प्रयास विफल नजर आए और मासूमों समेत वे भी आग निवाला बन गईं।

दस मिनट में बिछ गई लाशें

बस में सवार यात्री मनोज ने बताया कि हादसा करीब सवा बजे हुआ। तेज टक्कर के बाद यात्री चोटिल हुए। चीख पुकार मच रही थी कि बस को आग लग गई। सब इधर-उधर भागने लगे मगर किसी को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला। मैं सबसे पीछे बैठा था, शीशा तोड़कर बाहर निकल आया।

आंखों के सामने जिंदा जल गया मां और भाई

दिल्ली में ससुराल में शादी समारोह से वापस आ रहे बाराबंकी निवासी मनोज को चोटें आई। बरेली के एक निजी अस्पताल में भर्ती मनोज ने बताया कि मां, चचेरे भाई व अन्य परिवार वालों के साथ वापस आ रहे थे। आग लगी तो जैसे-तैसे मैं शीशा तोड़कर बाहर निकल आया मगर मां और भाई बस में ही फंस गया। दोनों जल गए। यह कहते हुए वह फफक पड़े।

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