हनीप्रीत की मदद कर रहे थे हरियाणा पुलिस के अधिकारी, जानिए कैसे…

गिरफ्तारी से पहले न्यूज चैनल आजतक को दिए अपने इंटरव्यू में हनीप्रीत उर्फ प्रियंका तनेजा तमाम उन सवालों का जवाब देने से बचती रही, जो उसे कठघरे में खड़ा करते हैैं। हनीप्रीत के इस इंटरव्यू को सहानुभूति हासिल करने की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। इसमें मदद के लिए हरियाणा पुलिस के ही अधिकारियों का नाम आ रहा है। बता दें कि हनीप्रीत पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज है। उसके पूर्व पति विश्वास गुप्ता ने भी गुरमीत से संबंधों को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। पंचकूला ङ्क्षहसा में उसका नाम आ रहा है। इन सभी से जुड़े सवालों पर हनीप्रीत ने सीधे जवाब नहीं दिया।

सवाल – पूरे मसले पर आप क्या कहना चाहेंगी?
हनीप्रीत- जिस हनीप्रीत को मीडिया ने दिखाया है, वह हनीप्रीत ऐसी नहीं है। उसे ऐसे दिखाया गया है, जिससे मैं खुद डरने लगी हूं। अपने पापा के साथ एक बेटी कोर्ट में जाती है। ऐसा बिना परमिशन के संभव नहीं है।

सवाल- आप पर पंचकूला दंगों की साजिश रचने का आरोप है?
हनीप्रीत- एक लड़की इतनी फोर्स के बीच अकेले बिना परमिशन के कैसे जा सकती है। इसके बाद कहा गया कि मैं गलत तरीके से आई हूं। इसके बाद कहा गया कि मैं दंगे में शामिल थी। मेरे खिलाफ किसी के पास क्या सुबूत है।

सवाल- कहा जा रहा कि हनीप्रीत बहुत बड़ी विलेन है?
हनीप्रीत- मैंने बेटी का फर्ज अदा किया। मैंने कहां कुछ बोला था? कोर्ट का फैसला हमारे खिलाफ आया तो दिमाग ने काम बंद कर दिया। ऐसे में हम क्या किसी के खिलाफ साजिश रचते।

सवाल- आपके और गुरुजी के रिश्तों पर सवाल उठ रहे हैैं?
हनीप्रीत- मेरे डर का कारण ही यही है कि हनीप्रीत को कैसे पेश किया। एक बाप-बेटी के रिश्ते को तार-तार कर दिया।

सवाल- आप पर डेरे के कुछ लोगों और विश्वास गुप्ता ने भी इल्जाम लगाए?
हनीप्रीत- जो डेरे के खास लोग हैं, क्या वो वाकई खास हैं? मैं विश्वास गुप्ता के मुद्दे पर बात नहीं करना चाहती।

सवाल-आप पुलिस के सामने पेश क्यों नहीं होती हैं?
हनीप्रीत- रोते हुए…आप मेरी कंडीशन समझें। मैं डिप्रेशन में चली गई थी। जो लड़की अपने बाप के साथ देशभक्ति की बात करती थी, वो जेल में चले गए। फिर मुझ पर देशद्रोह का आरोप लगाया। मुझे कानून प्रक्रिया का पता नहीं था। पापा के जाने के बाद बेसहारा हो गई।

सवाल- क्या गुरुजी को आप फिल्मों में लेकर आई थीं?
हनीप्रीत- मैं हीरोइन नहीं बनना चाहती थी। मैं हमेशा कहती थी कि मैं कैमरे के पीछे रहना चाहती थी।

सवाल- डेरे में जो नरकंकाल की बात कही जा रही है और लड़कियों के यौन शौषण पर क्या कहती हैं?
हनीप्रीत- आप बताइए, क्या डेरे में नरकंकाल मिले? क्या आरोप लगाने वाली लड़कियां मिलीं? उन हजारों लड़कियों की बात अनसुनी करके सिर्फ एक खत के आधार पर किसी को कैसे गुनहगार ठहराया जा सकता है? मेरे पापा आने वाले वक्त में जरूरी बेगुनाह साबित होंगे।

सवाल- आप इतने दिनों तक कहां रही थीं?
हनीप्रीत- मुझे समझ में नहीं आ रहा था कि मैं क्या करूं? मैं जहां पर भी रही, बचती रही। अब कोर्ट जाना चाहती हूं।

सवाल- तो क्या आप सरेंडर करेंगी?
हनीप्रीत- मैं अभी कानूनी सलाह लूंगी।

डेरे का नेटवर्क इतना बड़ा है कि राम रहीम अब भी अपनी गतिविधियों को संचालित करवा रहा है। टीवी पर इंटरव्यू भी योजनाबद्ध तरीके से दिलवाया गया है। अब मेरी जान को अब अधिक खतरा है। मेरी सुरक्षा बढ़ाई जाए। आज की तारीख में गुरमीत का सबसे बड़ा दुश्मन मैं और मेरे परिवार के सदस्य हैं।
-विश्वास गुप्ता, हनीप्रीत का पूर्व पति

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