बॉलीवुड एक्टर अनुपम खेर को मिली महत्वपूर्ण जिम्मेदारी, जानिए क्या…

Mumbai सिनेमा के पर्दे पर अभिनय के कई रंग भरने वाले जाने-माने अभिनेता अनुपम खेर को पुणे स्थित ‘फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया (एफटीआइआइ) का नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। वह गजेंद्र चौहान का स्थान लेंगे, जिनकी नियुक्ति पर बवाल खड़ा हो गया था।


62 साल के खेर ने अपनी नियुक्ति पर कहा कि वे पूरी विनम्रता के साथ इस पद के रूप में मिले सम्मान को स्वीकार करते हैं। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि मैं अपनी पूरी काबिलियत से अपने कर्तव्य का निर्वहन करूंगा।

दिल्ली के नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (एनएसडी) के ग्रेजुएट खेर ने 500 से ज्यादा फिल्मों और कई नाटकों में अभिनय किया है।
अपनी नियुक्ति पर खेर ने कहा कि मैं सिर्फ प्रशासनिक प्रमुख की तरह काम नहीं करूंगा और 40 साल का अपना अनुभव छात्रों के साथ साझा करूंगा।

उन्होंने कहा कि मैं एक सरकारी किरानी का बेटा हूं, जो जेब में 40 रुपये लेकर मुंबई आया था। पुणे फिल्म इंस्टीट्यूट के अध्यक्ष के रूप में अनुपम खेर की नियुक्ति का सिनेमा जगत ने स्वागत किया है।

अनुपम खेर की पत्नी और चंडीगढ़ से भाजपा सांसद किरण खेर उन्हें बधाई देने वालों में सबसे आगे रहीं। किरण ने ट्वीट कर उन्हें बधाई दी। फिल्म निर्माता प्रीतीश नंदी ने कहा कि आखिरकार सरकार ने हमारी आवाज सुन ली है।

निर्माता-निर्देशक प्रकाश झा ने इसे प्रसून जोशी की सेंसर बोर्ड में नियुक्ति के बाद सरकार का दूसरा स्वागतयोग्य कदम बताया है। प्रसिद्ध अभिनेता परेश रावल और निर्माता-निर्देशक मधुर भंडारकर ने अनुपम खेर को बधाई दी है।

अनुपम खेर का जन्म सात मार्च, 1955 को हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में हुआ था। 1982 में बनी फिल्म ‘आगमनÓ से उन्होंने फिल्मों का सफर शुरू किया। लेकिन, उनको पहचान महेश भट्ट की 1984 में बनी फिल्म ‘सारांशÓ से मिली थी।

इसमें सिर्फ 28 साल की उम्र में उन्होंने गम में डूबे एक ऐसे पिता का किरदार निभाया था, जिसके बेटे की मौत हो जाती है। सिनेमा और कला के क्षेत्र में अनुपम योगदान के लिए उन्हें 2004 में ‘पद्म श्रीÓ और 2016 में ‘पद्म भूषणÓ प्रदान किया गया। इससे पहले वे सेंसर बोर्ड व एनएसडी के अध्यक्ष रह चुके हैं।

अनुपम खेर को फिल्म इंस्टीट्यूट का अध्यक्ष बनाने के साथ ही टीवी सीरियल ‘महाभारतÓ में युधिष्ठिर की भूमिका निभाने वाले गजेंद्र चौहान की संस्थान से विदायी हो गई है। इस बीच, चौहान ने खेर की नियुक्ति पर तंज कसा है।

उन्होंने कहा है कि फिल्म इंस्टीट्यूट को अच्छे अभिनेता से ज्यादा अच्छे प्रशासक की जरूरत थी। जब चौहान को अध्यक्ष बनाया गया था, तो खेर ने भी कहा था कि संस्थान को उनसे योग्य व्यक्ति की जरूरत थी।

अनुपम खेर को हिंदी सिनेमा के सर्वाधिक बहुमुखी प्रतिभाशाली अभिनेताओं में एक माना जाता है। अब तक के सफर में उन्होंने कर्मा, डैडी, लम्हे, दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे, कुछ कुछ होता है और मैंने गांधी को नहीं मारा जैसी यादगार फिल्मों में काम किया है। इसके अलावा उन्होंने बेंड इट लाइक बेखम, प्राइड एंड प्रिजुडिश, द मिस्ट्रेस ऑफ स्पाइसेज और ऑस्कर विजेता फिल्म सिल्वर लाइनिंग्स प्लेबैक में भी काम किया है।

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