मूकबधिरों के जीवन में संगीत भर रहीं मोनिका

Rudrapur पढ़ाई, लिखाई और खेल हर बच्चे का अधिकार है। दिव्यांग बच्चे न केवल इन अधिकारों से वंचित हो जाते हैं। बल्कि, उनका बचपन भी छिन जाता है, क्योंकि मूकबधिर बच्चों को समाज में बोझ समझा जाता है। ऐसे ही बच्चों के जीवन में आत्मविश्वास पैदा करने व उनके जीवन में संगीत से रंग भर रहीं हैं रुद्रपुर निवासी मोनिका अरोरा।


मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रामपुर निवासी मोनिका को संगीत के प्रति जुनून विरासत में मिला। उनके नाना स्व. पंडित विपिन चंद्र व्यास संगीतकार थे। मां सुषमा कपूर कन्या संगीत गन्र्धव विद्यालय की केंद्र निर्देशिका रहीं। उनकी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए मोनिका ने रूहेलखंड विश्वविद्यालय, बरेली से संगीत गायन में एमए किया।

इसके बाद संगीत प्राखकर, संगीत मार्तण्ड की उपाधि हासिल कर खुद को संगीत के प्रति समर्पित कर दिया। 1998 में उनकी गदरपुर में शादी हुई। पति के साथ न देने के कारण उनकी संगीत के प्रति समर्पण की यात्रा रुक गई। कुछ दिन बाद ही फिर वे साधना में जुट गईं। उन्होंने मूकबधिरों को संगीत के माध्यम से साधने की दिशा में कार्य किया तो उसकी सर्वत्र सराहना हुई।

संगीत में मोनिका के जुनून का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि इस साधना में उन्होंने कभी भी मानसिक रूप से विकलांग बच्चों के मुंह से टपकती लार व उनके द्वारा किए जा रहे व्यवहार की चिंता नहीं की।

छोटी उम्र में मिनी म्यूजिक टीचर का खिताब
कहते हैं कि पूत के पांव पालने में ही नजर आ जाते हैं। कुछ ऐसा ही मोनिका के साथ भी हुआ और चार वर्ष की नन्ही सी उम्र में ही मिनी म्यूजिक टीचर का खिताब उन्होंने हासिल किया। पिता से मिले मनोबल व मां के मार्गदर्शन के बाद मोनिका ने संगीत को अपने कॅरियर के रूप में चुन लिया।

ये मिले पुरस्कार
रुद्रपुर : मोनिका के प्रयास को उत्तराखंड ही नहीं राष्टï्रीय स्तर पर भी सम्मान मिला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अाियान में किए कार्य के चलते उनको क्वालिटी मार्क विमन अवार्ड 2015 से गांधीनगर गुजरात में, मानवाधिकार रत्न पुरस्कार 2016 से नागपुर महाराष्टï्र तो गरीब व मानसिक रूप से कमजोर बच्चों के लिए कार्य पर कला गुरु समान 2016 से समानित किया गया। हाल ही में मोनिका को पतंजलि विश्वविद्यालय ने भी सम्मानित किया।

संस्थाओं की बनी मार्गदर्शक
रुद्रपुर : मोनिका के जुनून का ही परिणाम है कि वह आज महानगर के साथ ही देश की अन्य संस्थाओं से जुड़कर लोगों को दिशा दे रही हैं। वह संगीत के क्षेत्र में कार्य कर रही संस्था स्पीक मैके, भारत विकास परिषद, जेसीआई इंटरनेशनल चेप्टर मंथन इवेंट, संस्कार भारती, खादी ग्रामोद्योग, लोक रचना समिति से जुड़ी है।

टीवी शो में जा चुके बच्चे
रुद्रपुर : मोनिका मूकबधिर के साथ ही सामान्य वर्ग के बच्चों को भी दिशा देने का काम कर रही हैं। उनके निर्देशन में बच्चे टीवी शो बुगी-बुगी, इंडियन आइडल, जी सिनेस्टार, डांस इंडिया डांस में चयनित भी हुए हैं। मोनिका किसी सरकारी मदद से कार्य नहीं करतीं। वह अपने ही दम पर संगीत से जो धनराशि उपार्जित करती हैं, उसका बड़ा अंश वह असमान्य बच्चों पर खर्च कर देती हैं। साथ ही ऐसे बच्चों को नि:शुल्क संगीत की शिक्षा के माध्यम से साधने की दिशा में काम किया है।

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