जल्दी से बनवा लीजिए घर, केंद्र सरकार ने बहुत ही सस्ता कर दिया लोन

NEW DELHI केंद्र सरकार ने बैंक लोन में सब्सिडी का दायरा बढ़ाकर रियल एस्टेट को मंदी से उबारने का विकल्प दे दिया है। सरकार ने अब 150 ओर 200 स्क्वायर मीटर कॉरपेट एरिया में निर्मित होने वाले मकानों को भी लोन पर सब्सिडी देने का फैसला किया है।

सस्ते मकानों की बिक्री के लिए इसे अहम कदम माना जा रहा है। रियल एस्टेट कारोबारियों को उम्मीद है कि नोटबंदी और रियल एस्टेट रेग्यूलेटिंग एक्ट कानून (रेरा) लागू होने के बाद इस कारोबार में आई मंदी का कुहासा छंटेगा और सस्ते मकानों की बिक्री बढऩे से कारोबार को गति मिलेगी।

अब तक ईडब्ल्यूएस या एमआईजी फस्र्ट कैटेगरी में 120 स्क्वायर मीटर कारपेट एरिया में छह से 12 लाख रुपये लोन लेने पर सरकार 6.5 प्रतिशत ब्याज पर लोन की सुविधा दे रही थी। मतलब, 120 मीटर एरिया में मकान या फ्लैट खरीदने वालों को बैंकों से 6.5 प्रतिशत ब्याज पर लोन मिल सकता था।

बैंक का इससे अधिक ब्याज होने पर सरकार सब्सिडी देती थी जो अधिकतम चार प्रतिशत थी। नौ लाख रुपये लोन लेने पर ब्याज दर पर तीन प्रतिशत की छूट है। यही स्थिति 150 कारपेट एरिया में मकान या फ्लैट खरीदने की स्थिति में 12 से 18 लाख रुपये लोन तीन प्रतिशत ब्याज दर की सब्सिडी पर मिलने की सुविधा है।

अब सरकार ने छह से 12 लाख और 12 से 18 लाख की लोन सीमा के दायरे में आने वाले एमआईजी प्रथम और एमआईजी द्वितीय मकानों पर सब्सिडी हासिल करने के लिए कारपेट एरिया बढ़ा दिया है। नए नियम के अनुसार अगर कोई व्यक्ति अपना 150 स्क्वायर मीटर या 200 स्क्वायर मीटर एरिया में प्लाट खरीदकर अपना मकान बनाना चाहता है तो उसको भी बैंक लोन पर ब्याज की इतनी ही सब्सिडी मिलेगी।

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