बुराड़ी कांडः पांच साल से लिख रहा था रजिस्टर, पूजा के दौरान बन जाता था ‘पिता‘

NEWSJUNCTION24/DELHI

बुराड़ी में 11 लोगों की मौत के मामले में क्राइम ब्रंाच की जांच में नए-नए तथ्य सामने आ रहे हैं। जांच में सामने आया है कि ललित ने काफी समय पहले मौन व्रत रख लिया था। उसने कई महीनों तक किसी से बात नहीं की थी। वह करीब पिछले पांच साल से रजिस्टर लिख रहा था। पुलिस ने इन रजिस्टर को कब्जे में ले लिया है। वहीं खुलासा हुआ है कि ललित कहता था कि उसके शरीर में पिता की आत्मा आती है। वह पूजा के दौरान अपने पिता की भूमिका में आ जाता था और घर के सभी सदस्यों से उसी तरह बातें करता था। उसके इसी ढोंग को परिवार के सभी सदस्य भी सही मान बैठे थे।

सेना में थे ललित के पिता

पुलिस का कहना है कि ललित के पिता भोपाल दास भाटिया भारतीय सेना में कार्यरत थे। दस साल पहले उनकी मौत हो गई थी। सेना की नौकरी के दौरान घोड़े से गिर जाने से उनके पैर की हड्डी टूट गई थी, जिससे सेवानिवृत्ति से पूर्व उन्होंने वीआरएस ले लिया था। ललित का परिवार वैसे तो कई पीढ़ियों से काफी धार्मिक प्रवृत्ति के रहे हैं। पिता की मृत्यु के बाद उनका सबसे छोटा बेटा ललित कई महीने तक मौन व्रत पर था।

पूजा करने के दौरान ‘पिता‘ बन जाता था

मौन व्रत तोड़ने के बाद उन्होंने दावा किया था कि उनके शरीर में पिता की आत्मा आती है। वह कभी पूजा करने के दौरान पिता बन जाते थे और उनके अनुसार घर के सभी सदस्यों से बात करने लगते थे। घर के सभी सदस्यों को भी यह विश्वास हो गया था कि ललित के शरीर में पिता की आत्मा आती है। इसलिए सभी उनकी बातों को मानने लगे थे।

पांच साल से जारी था रजिस्टर लिखने का सिलसिला

पुलिस को जानकारी मिली है कि ललित 2013 यानी पिछले छह सालों से प्रतिदिन घर में रजिस्टर में सभी सदस्यों के दिनचर्या के बारे में लिख देता था कि किस सदस्य को पूरे दिन से रात तक क्या-क्या करना है। किसे कब जागना है। जागने के बाद किसे क्या करना है। किस तरह के कपड़े पहनने हैं। क्या खाना है। कौन-कौन खाना बनाएंगे। कौन जोत जलाएंगे।

नसीहत न मानने पर सजा

अगर कोई सदस्य कभी उनके निर्देश का पालन नहीं करता था तो वह पिता की आत्मा आने की ढोंग कर उन्हें नसीहत देते थे और सजा देने की धमकी देते थे। घर के सभी सदस्य ललित की बातों को मानते थे और उनके द्वारा बताए रास्ते पर ही चलते थे। पुलिस ने जांच के लिए दर्जनों पुराने रजिस्टर भी जब्त कर लिए हैं। पुलिस अधिकारी का कहना है कि ग्रिल व रोशनदान के रॉड से लटके मिले सभी दस लोगों को जिस तरह के निर्देश दिए गए थे उसका सभी ने पालन किया था। रजिस्टर में ये लिखी हुई मिली है कि आंखों में पट्टी अच्छे से बांधनी है। पट्टी इस तरह बांधे जिससे शून्य के अलावा कुछ नहीं दिखना चाहिए। बरगद की तरह लटकने के लिए रस्सी के तौर पर सूती साड़ी या चुन्नी का प्रयोग करना है। सात दिनों तक लगातार पूजा करनी है।

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