बीमार हो जाएगा आपका डॉगी तो हल्द्वानी के सबसे बड़े पशु अस्पताल में होगा उसका इलाज, जानिए कहां

गौलापार में बनने वाले अंतरराष्ट्रीय चिड़ियाघर में 20 करोड़ रुपये से वन्यजीवों का राज्य का सबसे बड़ा अस्पताल बनेगा। यह एक तरह का इंटीग्रेटेड कांप्लेक्स होगा, इसके लिए केन्द्र सरकार से स्वीकृति और धन आवंटित हो चुका है। इंटीग्रेटेड कॉम्प्लेक्स के अंतर्गत तीन अलग-अलग यूनिट बनेंगी, जिनमें वन्यजीवों को रेस्क्यू करने के साथ उनका इलाज किया जाएगा।

Haldwani. गौलापार में बनने वाले अंतरराष्ट्रीय चिड़ियाघर में 20 करोड़ रुपये से वन्यजीवों का राज्य का सबसे बड़ा अस्पताल बनेगा। यह एक तरह का इंटीग्रेटेड कांप्लेक्स होगा, इसके लिए केन्द्र सरकार से स्वीकृति और धन आवंटित हो चुका है। इंटीग्रेटेड कॉम्प्लेक्स के अंतर्गत तीन अलग-अलग यूनिट बनेंगी, जिनमें वन्यजीवों को रेस्क्यू करने के साथ उनका इलाज किया जाएगा। साथ ही मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकने का काम भी होगा। सहायक वन संरक्षक जीएस कार्की ने बताया कि वन्यजीवों से जुड़े तीन मुख्य विषयों को इस इंटीग्रेडेट कॉम्प्लेक्स में डील किया जाएगा। इसके निर्माण का कार्य नई दिल्ली की ब्रिज एंड रूफ कंपनी इंडिया लिमिटेड कंपनी को दे दिया है।


इस प्रकार होंगी तीन यूनिट-

1-तीन रेस्क्यू सेंटर
पहली यूनिट में बाघ और तेंदुए का अलग-अलग रेस्क्यू सेंटर बनेगा। इनमें चार बाघ और चार गुलदार का इलाज किया जा सकेगा। इसके अलवा एक रेस्क्यू सेंटर में शाकाहारी वन्यजीवों का रेस्क्यू किया जाएगा। पोस्टमार्टम हाउस और छोटी लेबोरेटरी भी इसी यूनिट का हिस्सा होगी।

2-ट्रेनिंग सेंटर
दूसरी यूनिट में मानव वन्यजीव संघर्ष निवारण प्रशिक्षण केन्द्र (मैन एनीमल लिटिगेशन सेंटर) बनेगा। इस सेंटर में मानव वन्यजीव संघर्ष से जुड़े विषयों पर जानकारी दी जाएगी। इस संघर्ष को कम करने के लिए वन विभाग ऐसे इलाके चिह्नित कर लोगों से संवाद करेगा।

3-पशु अस्पताल
तीसरी यूनिट में वाइडलाइफ वेटनरी केयर यूनिट यानी वन्यजीवों का हॉस्पिटल होगा। इस हॉस्पिटल में वन्यजीवों का इलाज होने के साथ-साथ ऑपरेशन की सुविधा भी होगी।

रिसर्च का भी होगा काम
रेस्क्यू सेंटर में जंगली जानवरों के स्वास्थ्य को लेकर रिसर्च भी की जाएगी। जानवरों की भूख, बीमारियों के चलते होने वाली मौत, संक्रमण के कारण पर विभाग रिसर्च करेगा। इसके अलावा जानवरों के खानपान और मानव के साथ उसके व्यवहार को लेकर भी काम करेगा।

इंटीग्रेटेड कॉम्प्लेक्स बनाने की प्रक्रिया को शुरू करने के लिए दिल्ली की कंपनी को पत्र भेज कर फील्ड विजिट कर डीपीआर तैयारी करने को कहा है। डीपीआर रिपोर्ट की संस्तुति के बाद निर्माण की कार्यवाई शुरू की जाएगी।
-डॉ.पराग मधुकर धकाते, वन संरक्षक (पश्चिम वृत्त)

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