ललदा बोले-टिकट न मिलने का गम है लेकिन कांग्रेस नहीं छोड़ूंगा

Haldwani. मेयर का टिकट नेता प्रतिपक्ष इंदिरा ह्रदयेश के बेटे सुमित हृदयेश को दिए जाने के बाद कांग्रेस में भारी नाराजगी देखने को मिली। कई कांग्रेसी नेता सुमित ह्रदयेश को टिकट दिए जाने के बाद निर्दलीय चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे, जिसे देखते हुए खुद नेता प्रतिपक्ष मैदान पर उतरी और डैमेज कंट्रोल में जुट गई। पिछले 6 साल से इंदिरा हृदयेश से दूरियां बना चुके कांग्रेस के प्रदेश सचिव ललित जोशी ने भी निर्दलीय चुनाव की तैयारी की थी, लेकिन नेता प्रतिपक्ष इंदिरा ह्रदयेश मंगलवार सुबह ललित जोशी के घर पहुंची और उनकी मान मनोबल कर डैमेज कंट्रोल किया।

 

इसके अलावा नेता प्रतिपक्ष ने कांग्रेस प्रवक्ता हुकम सिंह कुँवर की नाराजगी को भी उनके घर जाकर शांत किया। इंदिरा हरदेश के बेटे सुमित हृदेश को मेयर का टिकट दिए जाने के बाद खुद इंदिरा हरदेश की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है लिहाजा डैमेज कंट्रोल की कोशिश की जा रही है। वहीं टिकट बटवारे के बाद पार्टियों में भीतरघात पैदा हो रहा है जिससे निपटने की तैयारी राजनीतिक दल कर रहे हैं। क्योंकि अगर इस पर कंट्रोल नहीं पाया गया तो चुनावों में वो घातक साबित हो सकता है।

क्या बोले ललित जोशी

सुलह के बाद कांग्रेस प्रदेश सचिव ललित जोशी ने कहा कि हम एक परिवार है। मैं पिछले 25 साल से कांग्रेस की सेवा में जुटा हूं। मैं कांग्रेस छोड़ने के द्वार पर खड़ा था। उन्होंने कहा कि मेरी भी अपने भविष्य को लेकर महत्वकांक्षा थी।  जो परिस्थिति मेरे सामने आई थी उसने मुझे काफी आहत किया था। 

 

मेरे जीवनकाल में यह दूसरी बार हुआ है। उन्होंने कहा कि मेरी लडाई केवल अपने लिए नहीं बल्कि उन सभी के लिए थी जो सालों से दल को मजबूत कर रहे हैं। इस मौके पर ललित जोशी भावुक भी हुए। उन्होंने कहा कि अब वो कांग्रेस द्वारा घोषित उम्मीदवार के साथ है और उन्हें चुनाव में विजय बनाने के लिए पूरा सहयोग करेंगे।

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