धूल के गुबार में गायब हो गए 341 लोग, मचा हाहाकर, 400 उड़ानें रद, यहां का है मामला

नई दिल्ली। चीन की राजधानी बीजिंग में पिछले 10 सालों की सबसे खतरनाक धूल भरी आंधी आई है। सोमवार को आए इस तूफान की वजह से पूरा बीजिंग शहर पीले रंग की रोशनी से ढंक गया है। कहा जा रहा है कि इस आंधी में 341 लोग लापता हो गए हैं और 400 उड़ानें रद कर दी गई है। वहींं, वायु गुणवत्ता स्तर 1000 पार कर गया, जिसे डॉक्टरों और वैज्ञानिकों ने सबसे ज्यादा घातक बताया है। ये आंधी मंगोलिया के पठारों से उड़ी धूल की वजह से आई है।

बीजिंग अक्सर मार्च और अप्रैल के महीने में धूल भरी आंधी से जूझता है। ऐसा उसके गोबी रेगिस्तान के करीब होने की वजह से होता है। क्योंकि चीन के उत्तर में जंगलों की कटाई काफी तेजी से हो रही है। इसलिए वहां से उड़ने वाली धूल बीजिंग को घेर लेती है, मगर इस बार की यह आंधी 10 सालों में सबसे ज्यादा खतरनाक है।

चाइना मौसम विज्ञान विभाग ने सोमवार को बीजिंग और आसपास के इलाके में यलो अलर्ट जारी किया है। ये धूल भरी आंधी इनर मंगोलिया से शुरू होकर गांसू, शांसी और हेबेई प्रांत तक फैली थी। राजधानी बीजिंग इन प्रांतों से घिरा हुआ है।

 

बीजिंग में एयर क्वालिटी इंडेक्स अधिकतम स्तर 500 पर पहुंच गया है। कुछ जिलों में पीएम 10 पार्टिकल का स्तर 2000 माइक्रोग्राम्स प्रति क्यूबिक मीटर पहुंच चुका है। जबकि कुछ इलाकों में 1000 भी दर्ज किया गया है। यह प्रदूषण और स्वास्थ्य के हिसाब से बेहद खतरनाक है।

सांस संबंधी रोगियों और फेफड़ों के लिए खतरनाक PM 2.5 पार्टिकल का स्तर 300 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर तक पहुंच गया है। जबकि, चीन में इसका स्टैंडर्ड 35 माइक्रोग्राम है।

 

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*