ये कैसी मजबूरी? पत्नी के इलाज के लिए 10 हजार रुपये में बेटे को रख दिया गिरवी

नई दिल्ली। खबर गुजरात से है। आर्थिक तंगी इंसान को किस कदर मजबूर कर देती है, अरावली जिले की यह घटना बताने के लिए काफी है। यहां एक शख्स को पत्नी का इलाज कराने के लिए 12 साल के अपने कलेजे के टुकड़े को 10 हजार रुपये में गिरवी रखना पड़ गया। यह खबर फैलते ही प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में बच्चे का रेस्क्यू कर चाइल्ड होम भेज दिया गया।

अरावली जिले के मालपुर क्षेत्र के वांकानेडा गांव निवासी शख्स परिवार में पत्नी और तीन बच्चों के साथ रहता है। उसकी पत्नी को दिल की बीमारी है, मगर आर्थिक हालात ऐसे नहीं हैं कि वह उसका इलाज करा सके। एक अस्थायी झोपड़ी में रहने वाले यह शख्स जब पैसों का इंतजाम नहीं कर पाया तो उसने अपने 12 साल के बेटे को एक युवक के पास भेड़-बकरी चराने के लिए गिरवी रख दिया। उसके पास कोई और सामान भी नहीं था, जिसके बदले वह रुपयों का बंदोबस्त कर सके। इसके चलते मजबूरी में उसने यह कदम उठाया। मामले की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप मच गया। उन्होंने आनन-फानन में कार्रवाई करते हुए बच्चे को रेस्क्यू किया और चाइल्ड होम भेज दिया। अधिकारियों का कहना है कि बच्चे के रहने और शिक्षा के साथ-साथ अन्य लाभ दिलाने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने दोनों पक्षों से बात करने के लिए बाल सुरक्षा समिति की बैठक भी बुलाई है।

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