फिर साथ आएंगे अखिलेश और चाचा शिवपाल, विधानसभा चुनाव के लिए पक रही खिचड़ी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव को अब केवल नौ महीने ही रह गए हैं। ऐसे में यहां की राजनीति में रोजाना ही हलचल मच रही है। हर पार्टी की तरफ से चुनाव में जीत के लिए सभी दांव-पेंच आजमाए जा रहे हैं। ऐसे में अब खबर समाजवादी पार्टी की तरफ से आ रही है। करीब चार साल पहले पिछले विधानसभा चुनाव में पार्टी व परिवार में बगावत कर अलग हुए अखिलेश यादव और उनके चाचा शिवपाल सिंह यादव एक बार फिर साथ आते नजर आ रहे हैं। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मंगलवार को एक निजी चैनल से बातचीत में कहा कि वह समाजवादी विचारधारा के लोगों को साथ लेकर आगामी विधानसभा चुनाव में मैदान में उतरेंगे।

उन्होंने साफ किया कि प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के मुखिया चाचा शिवपाल सिंह यादव सहित अन्य सभी समान विचारधारा वाले दलों को साथ लेने में भी वह कोई गुरेज नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि जसवंत नगर विधानसभा सीट पर सपा कोई उम्मीदवार नहीं उतारेगी। जरूरत के मुताबिक उनके साथ रहने वाले लोगों के लिए अन्य सीटों पर भी विचार किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय लोकदल के अलावा संजय चौहान की जनवादी पार्टी और केशव मौर्य की महान दल से साथ गठबंधन हो चुका है। अखिलेश यादव ने साफ किया कि समाजवादी पार्टी 2022 के विधानसभा चुनाव में किसी बड़े दल से गठबंधन नहीं करेगी।

पार्टी में फूट से मिली थी करारी हार

2012 का विधानसभा चुनाव का चुनाव जीतकर सत्ता में आई समाजवादी पार्टी में इसके शासनकाल के पूरा होते-होते करारी फूट पड़ गई थी। अचानक से चाचा शिवपाल और तत्कालीन सीएम अखिलेश यादव के बीच संबंधों में दरार की खबरें आने लगी। इसी बीच लखनऊ में हुए पार्टी के राष्ट्रीय अधिवेशन में अखिलेश यादव को पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुन लिया गया। जिसके बाद शिवपाल और उनके समर्थकों ने पार्टी छोड़ दी थी। पार्टी में पड़ी इस फूट का नतीजा 2017 के विधानसभा चुनाव में पार्टी को बड़ी हार के रूप में देखना पड़ा था। अब एक बार फिर विधानसभा चुनाव की आहट के बीच दोनों दिग्गज साथ आने को तैयार दिख रहे हैं।

 

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