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हरीश रावत का एलान, कहा- ये काम कर के दिखाओं दूंगा 3 लाख रुपये

न्यूज जंक्शन 24, देहरादून। कांग्रेस अपना जमीनी आधार खो चुकी है। उत्तराखंड विधानसभा चुनाव और इसके बाद चंपावत उपचुनाव में मिली कांग्रेस को करारी हार इसका बड़ा उदाहरण है। विधानसभा चुनाव में हार के पीछे मुस्लिम यूनिवर्सिटी के मुद्दे को ही बड़ी वजह माना जा रहा है। अब हरीश रावत ( Harish Rawat on Muslim University) ने इसके लिए एक एलान किया है।

हरीश रावत ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट लिखा है, उन्होंने लिखा है कि मुस्लिम यूनिवर्सिटी को लेकर भाजपा ने एक सफेद झूठ को गांव गांव तक पहुंचाया। ऐसे में अब वो विवादित यूनिवर्सिटी पर बयान वाला अखबार लाने पर वो तीन लाख रुपये का इनाम देंगे। हरीश रावत ने सोशल मीडिया पर किए पोस्ट में लिखा है, ‘मैंने घोषणा पत्र जारी करने के दिन की प्रेस कांफ्रेंस में इस बात को स्पष्ट तौर पर कहा कि कहीं भी ये बात नहीं आई है। किसी भी उत्तराखंड के मुस्लमान को तो छोड़ दीजिए, देश के मुस्लमान ने भी मुस्लिम युनिवर्सिटी की मांग हमसे नहीं की है, समर्थन का सवाल तो पैदा ही नहीं होता है।’

हरीश रावत ( Harish Rawat on Muslim University) आगे लिखते हैं, ‘हमने कहा कि ये झूठ है, इस झूठ को जानबूजकर प्रचारित किया जा रहा है। उसके बाद भी हमारे नेतागणों ने इस झूठ का स्थानीय आधार पर खंडन किया। खैर झूठ बोलकर जनता के वोट को हासिल करना भाजपा की फितरत रही है। मैंने चुनाव के बाद भाजपा को धामी की धूम पेज में फैलाये गए इस झूठ जिसमें एक समाचार पत्र का उल्लेख कर उसका वीडियो दिखा कर इस झूठ को सही साबित करने की कोशिश की गई, उसे सिद्ध करने की चुनौती दी। फिर मैंने एक खुला निमंत्रण दिया कि जो व्यक्ति भी ये साबित कर देगा की कांग्रेस ने या हरीश रावत ने मुस्लिम युनिवर्सिटी खोलने की बात कही है या कोई बयान दिया है तो मैं उस व्यक्ति को 1 लाख रुपए पुरस्कार दूंगा।’

साथ ही उन्होंने आगे लिखा है, ‘मैंने आह्वान किया की कोई व्यक्ति ऐसा अखबार मुझको दिखा दे उसके एक से लेकर दस प्रतियां तक दिखा दे तो मैं राज्य की जनता से माफी भी मांगूगा और उस व्यक्ति को जो इसको सिद्ध कर देगा की ये अखबार में छपा है, समाचार तो छोड़िये उस अखबार का अस्तित्व भी है वो कहीं से प्रकाशित भी हो रहा है, इसको भी सिद्ध कर देगा। कुछ दिनों के बाद मैंने उस पुरस्कार की राशि को बढ़ाकर के दो लाख रुपए करने की घोषणा की।’

हरीश आगे लिखते हैं, ‘मैं फिर से अपनी चुनौती को दोहरा रहा हूँ कि हम पुरस्कार की राशि को तीन लाख रुपये करेंगे। कोई उस अखबार को जो धामी की धूम पेज में छपा था, जिसके आधार पर भाजपा के छोटे नेता से शीर्ष नेताओं तक ने इस झूठ को प्रचारित किया, प्रसारित किया, मुझे लाकर के दिखा देगा तो हम उसको धन्यवाद देंगे और तीन लाख रुपए का पुरस्कार देंगे। यदि भाजपा कोई ऐसा अखबार नहीं दिखा पाती तो फिर इस तथ्य को भाजपा को स्वीकार करना चाहिए कि उनकी वर्तमान सरकार, धामी सरकार मुस्लिम यूनिवर्सिटी के झूठ के गर्भ से पैदा हुई है।’

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