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अर्नब गोस्वामी को इस मामले में कोर्ट से मिली राहत, जानिए

मुंबई। बंबई उच्च न्यायालय ने रिपब्लिक टीवी के एडिटर इन चीफ अर्नब गोस्वामी को आत्महत्या के लिए उकसाने से जुड़े मामले में पूर्व में दी अंतरिम राहत की अवधि शुक्रवार को बढ़ा दी और उन्हें रायगढ जिले के अलीबाग में मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश होने से भी छूट दी।

गोस्वामी और अन्य दो लोग फिरोज शेख तथा नितिश सरदा पर अलिबाग के इंटीरियर डिजाइनर अनवय नाइक को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप है। नाइक ने मई 2018में आरोपियों की कंपनियों द्वारा कथित तौर पर भुगतान नहीं किए जाने पर आत्महत्या कर ली थी।
तीनों आरोपियों ने उनके खिलाफ पुलिस द्वारा दाखिल प्राथमिकी और उसके आधार पर दाखिल आरोपपत्र को खारिज करने का अनुरोध करते हुए उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था।
आरोपियों ने अंतरिम राहत मिलने और अलीबाग में मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश होने से छूट मिलने का अनुरोध किया था। यह स्थान मुंबई से करीब सौ किलोमीटर दूर है।
उच्च न्यायालय ने पांच मार्च को तीनों आरोपियों को अदालत में पेश होने से छूट दी थी और कहा था कि वह मामले की सुनवाई 16 अप्रैल को करेगा।
गोस्वामी के वकील संजोग परब ने शुक्रवार को अदालत को बताया कि चूंकि उच्च न्यायालय ने 16 अप्रैल को अवकाश घोषित किया हुआ है इसलिए याचिकाओं पर सुनवाई बाद में हो सकती है।
परब ने कहा कि याचिकाकर्ता को छूट देने वाले अंतिरम आदेश को बढ़ाया जा सकता है क्योंकि मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश होने की अगली तारीख 26 अप्रैल है।
न्यायमूर्ति एसएस शिंदे और न्यायमूर्ति मनीष पिताले की पीठ इस पर सहमत हुई और कहा कि वह मामले की अगली सुनवाई 23 अप्रैल को करेगी।
अदालत ने कहा, तदनुसार हम अगले आदेश तक पेशी में मिली छूट को बढ़ाते हैं। इस मामले में गोस्वामी और दो अन्य आरोपियों को चार नवंबर 2020 को गिरफ्तार किया गया था। इस मामले में तीनों को उच्चतम न्यायालय ने 11 नवंबर 2020 को जमानत दे दी थी।

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