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Disaster in uttrakhand : जानिए कुमाऊं में कौन सी सड़क से आवागमन करें कहाँ से नहीं, कुमाऊं कमिश्नर की बैठक में यह आई रिपोर्ट…

 

न्यूज जंक्शन 24, हल्द्वानी

कुमाऊं कमिश्नर ने कुमाऊं में ठप पड़ी संचार, पेयजल, बिजली व्यवस्था की समीक्षा की और बंद व खुली सड़कों की मौजूदा रिपोर्ट जानी। उन्होंने बताया कि पहाड़ जाने के लिए कौन सी सड़क सही है और कौन सी नहीं। उन्होंने कहा कि क्षति का आंकलन शीघ्र प्रस्तुत करें ताकि धनराशि उपलब्ध कराकर आपदा पुनःनिर्माण कार्य प्रारम्भ किये जा सकें। यह निर्देश मण्डलायुक्त श्री सुशील कुमार ने सर्किट हाउस काठगोदाम में गुरूवार को मण्डलीय अधिकारियों की बैठक लेते हुये दिये।

समीक्षा दौरान मुख्य अभियन्ता लोनिवि ने बताया कि भवाली-नैनीताल, नैनीताल से पंगोट, काठगोदाम-हैडाखान-सिमलिया बैंड सडक किमी 42 तक खोल दी गई है, शेष 8 किमी खोलने हेतु जेसीबी लगाई गई है। इसी तरह खुटानी-धारी किमी 64 तक यातायात प्रारम्भ कर दिया गया है, ओखलकांडा-पतलोट शुक्रवार तक खोल दी जायेगी।

रानीबाग-मोतियापाथर शुक्रवार तक खोल दी जायेगी, रामगढ में आन्तरिक सडकें खोलने हेतु सात जेसीबी लगाई गई है। हल्द्वानी-भवाली सडक खोल दी गई है, भवाली-अल्मोडा सडक खैराना से आगे पूर्ण रूप से ध्वस्त हो गई है इसलिए बन्द है, जेसीबी पोकलैण्ड मशीनें लगी हैं। भवाली-रामगढ-क्वारब सडक मे यातायात सुचारू है, हल्द्वानी-भीमताल-भवाली-धानाचुली-शहरफाटक सडक सांय तक खोल दी जायेगी ताकि लोहाघाट-चम्पावत हेतु यातायात सुचारू हो सके। एनएच अधिकारियों द्वारा बताया कि ज्योलीकोट-भवाली राष्टीय राजमार्ग सांय तक खोल दी जायेगी।

भवाली-गरमपानी राष्टीय राजमार्ग गरमपानी से पूर्व भारी मलुवा आने एवं रोड क्षतिग्रस्त होने के कारण खोलने मे समय लगेगा वही खैरना-अल्मोडा राष्टीय राजमार्ग जो छडा के पास पूरी सडक ध्वस्त हो गई है उसे मरम्मत कर एक लेन 30 अक्टूबर तक खोला जायेगा। सडक खोलने हेतु दो जेसीबी, दो पोकलैण्ड अल्मोडा की ओर से तथा 02 जेसीबी खैरना की साइड से लगाई गई है तथा सडक के पुन- निर्माण हेतु 20 करोड का आगणन भेज दिया गया है। जिस पर आयुक्त ने कहा कि यह महत्वपूर्ण सडक है इसे प्राथमिकता से युद्व स्तर पर कार्य कर खोलने के निर्देश दिये। अभियंता ने बताया कि अल्मोडा-बागेश्वर सडक खुली है, अल्मोडा-पनार-घाट तक खोल दी गई है। टनकपुर-चम्पावत-पिथौरागढ सडक बन्द, बागेश्वर-बेरीनाग-पनार सडक मार्ग खोल दिया गया है।

मुख्य अभियन्ता लोनिवि ने बताया कि उधमसिह नगर की सडकें बाढ के पानी से खराब हो गई है जिनकी मरम्मत की जायेगी यातायात सुचारू है। आयुक्त ने राज्य एवं आन्तरिक ग्रामीण मार्गो को प्राथकिमता से खोलने के निर्देश मुख्य अभियन्ता को दिये। उन्होने कहा कि जेसीबी मशीनें बढाये जांए व कार्य मे तेजी लायें। मुख्य अभियन्ता ने लोनिवि के सभी खण्डों मे आपदा दौरान क्षतिग्रस्त सडक मार्गाे को सुचारू करने हेतु 20-20 लाख की धनराशि अवमुक्त करने का अनुरोध आयुक्त से किया।

पेयजल की समीक्षा दौरान मुख्य अभियन्ता पेयजल ने अवगत कराया कि अल्मोडा शहर मे पेयजल सुचारू कर दिया गया है, नैनीताल जनपद के मुख्य शहरों मे पेयजल सुचारू हो गया है, रामनगर शहर मे सायं तक पेयजल सुचारू कर दिया जायेगा।

विद्युत की समीक्षा के दौरान अधीक्षण अभियन्ता ने अवगत कराया कि घाट स्थित 33 केवीए सब स्टेशन टूट गया है लोहाघाट- चम्पावत शहर मे वैकल्पिक रूप से दूसरे फीडर से विद्युत सुचारू कर दी गई है। जनपद नैनीताल में 30 सब स्टेशनों मे से 27 सब स्टेशन चालू हैं जबकि ओखलकांडा-बेतालघाट-गरमपानी सब स्टेशन आपदा के दौरान खराब हो गये हैं , जिनमें कार्य प्रगति पर है तथा इन सब स्टेशनों के क्षेत्रों मे अन्य 11 केवीए फीडरों के माध्यम से वैकल्पिक व्यवस्था कर विद्युत सुचारू किये जाने का कार्य किया जा रहा है। जिस पर आयुक्त ने कहा कि अधिकारी स्वयं फील्ड मे जांए फील्ड स्टाफ व ठेकेदारों को सक्रिय कर त्वरित कार्य किया जाए। कार्यो मे ढिलाई व लापरवाही कतई बर्दास्त नही की जायेगी।

समीक्षा दौरान मुख्य अभियन्ता सिचाई ने बताया कि अल्मोडा-बागेश्वर-चम्पावत- पिथौरागढ मे नहरों के हैड व नहरें काफी क्षतिग्रस्त हो गई है, पानी का लेवल कम होने पर मरम्मत कार्य प्रारम्भ कर दिया जायेगा। उन्होने बताया कि क्षतिग्रस्त नहरों का प्राथमिक आंकलन किया गया है जिसमे जनपद अल्मोडा में 267 लाख, बागेश्वर मे 115 लाख, पिथौरागढ मे 7 करोड व चम्पावत में 221 लाख के क्षति का आंकलन किया गया है।

मुख्य अभियन्ता नैनीताल व उधमसिह नगर ने बताया कि उधमसिह नगर में 9.58 करोड के नहरों की क्षति हुई है साथ ही किच्छा बैराज का गेट नम्बर 8 क्षतिग्रस्त हुआ है जिस पर आयुक्त ने सभी जलाशयों के क्षति का आंकलन कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिये साथ ही उन्होने नैनीताल झील के आसपास भू-कटाव का सर्वे कर तुरन्त प्रस्तुत करने के निर्देश दिये।

वन विभाग की समीक्षा दौरान प्रभागीय वनाधिकारी ने बताया कि कुमाऊ में वन विभाग की सडकें, नदियों के तटबंध, सोलार फैंसिंग, दीवारें (बाढ) क्षतिग्रस्त हुई है जिनका प्राथमिक आंकलन 25 करोड किया गया है। मुख्य अभियंता सडक एवं विद्युत ने अवगत कराया कि आपदा के दौरान काफी पेड सडक एवं विद्युत लाइन के ऊपर आ गये है जिन्हें काटने की अनुमति दी जाए। जिस पर वन संरक्षक ने कहा कि प्रस्ताव दें काटने की अनुमति दे दी जायेगी।

आयुक्त ने निदेशक स्वास्थ्य कुमाऊ को निर्देश दिये कि वे जिला चिकित्सालयों व सभी सीएचसी, पीएचसी में सभी व्यवस्थाये दुरूस्थ रखे, एम्बुलैंस, दवायें उपलब्ध रखें। उन्होने कहा कि आपदा मे मृतकों का पोस्टमार्टम स्थल पर ही करें विलम्ब कतई ना किया जाए। उन्होने अपर निदेशक शिक्षा को निर्देश दिये कि वे पुराने जर्जर विद्यालयों, आंगनबाडी केन्द्रों का सर्वे कर उनके पुनःनिमार्ण हेतु आपदा मे प्रस्ताव प्रस्तुत करें। उन्होनेे आपदा दौरान जलभराव क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग व नगर निकायोे के अधिकारियो ंको सफाई व्यवस्था के साथ ही दवा छिडकाव के निर्देश दिये।

आयुक्त ने कहा कि संचार व्यवस्थायें तुरन्त दुरूस्त की जांए।
आयुक्त ने मण्डल के सभी अधिकारियो ंको निर्देश दिये कि वे अपने क्षेत्रों के जिलाधिकारियों के सम्पर्क में रहें। उन्होने विद्युत, पेयजल, सिचाई, सडक के सुचारू करने हेतु जिलाधिकारियों को धनराशि आवंटित करने के निर्देश भी दिये।

बैठक में वन संरक्षक राहुल, अपर जिलाधिकारी अशोक जोशी, निदेशक दुग्ध बीएल फिरमाल, प्रभागीय वनाधिकारी संदीप कुमार,आरटीओ राजीव मेहरा, उपनिदेशक अर्थसंख्या राजेन्द्र तिवारी, नगर आयुक्त पंकज उपाध्याय, निदेशक स्वास्थ्य कुमाऊ डा0 शैलजा भटट, मुख्य अभियन्ता लोनिवि दीपक यादव, ओम प्रकाश, मुख्य अभियन्ता सिचाई संजय शुक्ल के साथ ही पेयजल, मत्स्य, उद्यान, कृषि, बीएसएनएल, जीओ, वोडा-आइडिया आदि के अधिकारी मौजूद थे।

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