आफत की बारिश : पिथौरागढ़ जिला पड़ा अलग-थलग, गंगा, सरयू, गोमती खतरे के निशान के ऊपर, तस्वीरों में देखें हालात

हल्द्वानी। मानूसन पूरे उत्तराखंड में छा गया है। इससे पूरे प्रदेश में लगातार बारिश हो रही है। इससे पहाड़ों पर हालात विकट हो गए हैं। कुमाऊं से लेकर गढ़वाल तक नदियां रौद्र रूप दिखा रही हैं। कई मकान व सड़कें नदी में समा गईं। वहीं, मलबा आने व भूस्खलन की वजह से नेशनल हाईवे समेत दर्जनों आंतरिक सड़क बंद हो गई हैं।

बारिश के कारण पिथौरागढ़ जिले का सड़क संपर्क अन्य स्थानों से कट गया है। इससे यातायात कर रहे लोग जहां-तहां फंसे हुए हैं। शुक्रवार शाम को चार दिन बाद खुला टनकपुर-तवाघाट (एनएच-125) घाट से पिथौरागढ़ के बीच चार स्थानों पर मलबा आने से फिर बंद हो गया है। काली नदी और गोरी नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। गोरी नदी के कटाव से मुनस्यारी के भदेलीबागड में एक दुकान और मकान बह गया है। नदी के कटाव से डरे लोग मकान छोड़ कर ऊंचाई वाले स्थान पर पहुंच गए हैं। बंगापानी तहसील के छोरीबगड में सुरक्षा दीवार ढह गई है और गोरी नदी लगातार कटाव कर रही है।

जौलजीबी-मुनस्यारी मार्ग और थल-मुनस्यारी मार्ग बंद होने से मुनस्यारी और बंगापानी तहसीलो का जिला मुख्यालय से सड़क संपर्क टूट गया है। धारचूला से आगे तवाघाट मार्ग भी दोबाट के पास बंद है। तवाघाट-लिपुलेख मार्ग में तईंटोला से लेकर उच्च हिमालय में कई स्थानों पर मलबा आया है। तवाघाट-दारमा मार्ग तवाघाट से डेढ़ किमी आगे ध्वस्त हो गया है। मुनस्यारी में दरकोट-मिलम मार्ग बंद होने से चीन सीमा से लगे अस्सी से अधिक गांवों का भी संपर्क टूट गया है।

अल्मोड़ा से पिथौरागढ़ को जोड़ने वाले हाईवे पर ओखलगड़ा के पास पहाड़ी का हिस्सा रात में टूटकर सड़क पर आ गया। टनकपुर-चम्पावत हाईवे पर भी जगह-जगह मलबा आने से यातायात प्रभावित हो रहा है। बागेश्वर जिले में सरयू और गोमती नदी उफान पर है। जिले की 20 सड़कें बंद हैं। नैनीताल जिले की दर्जन भर आंतरिक सड़कों पर मलबा आया है।

हरिद्वार व ऋषिकेश में गंगा खतरे के निशान के ऊपर, अलर्ट जारी

हरिद्वार व ऋषिकेश गंगा खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। एहतियातन इससे आसपास की आबादी को रात ही सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया गया था। देवप्रयाग में भी यही स्थिति है। अलकनंदा ओर मंदाकिनी में भी जल स्तर बढ़ने से नदी तट और आसपास के इलाकों में अलर्ट किया गया है। गंगोत्री, बदरीनाथ, केदारनाथ मार्ग कई स्थानों पर भूस्खलन की वजह से बाधित हो गया है। मौसम विभाग का अनुमान है कि पूरे दिन बारिश हो सकती है।

नैनीताल जिले में भी 17 सड़कें बंद

नैनीताल जिले में लगातार हो रही मानसूनी बारिश सड़कों पर कहर बनकर टूटी है। जिले में भूस्खलन, पत्थर गिरने व मलबा आने से 17 सड़कों का जिला मुख्यालय से सम्पर्क कट गया है। आपदा कंट्रोल रूम से मिली जानकारी के अनुसार, जिले में खुटानी-भवाली, भुजान-बेतालघाट, रातिघाट-बेतालघाट, मल्ला रामगढ़, डाक बंगला मार्ग, हरतोला मार्ग, गणखेत मार्ग, अम्बेडकर -रीखोली मार्ग, कसियालेख-सुपी मार्ग, सेनिटोरियम- सिरोड़ी मार्ग, काठगोदाम-हैड़ाखान, पंगोट- तल्ला बगड़, नैनीताल एरीज मार्ग, रूसी खुर्पाताल बाईपास, कैंची-हरतपा मार्ग, भोंर्सा-पिनरौ मार्ग, गर्जिया-बेतालघाट, तल्ली सेठी-बेतालघाट मार्ग पर यातायात बंद है। जिलाधिकारी धीराज गर्ब्याल के अनुसार बंद सड़कों को खोलने के लिए बुलडोजर भेजे गए हैं।

 

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