आर्थिक तंगी में नहीं करा पाया गुलदार के हमले में घायल इकलौते बेटे का इलाज, और बुझ गया घर का चिराग।

ब्यूज जंक्शन 24, पिथौरागढ़।

बीते माह गुलदार के हमले में घायल आठ वर्षीय बालक ने जिला अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। मृतक बालक घर में तीन बहनों का इकलौता भाई था।
17 अक्टूबर की सांय जिला मुख्यालय से सटे पौण गांव में नेपाल निवासी आठ वर्षीय देवराज, पुत्र करन सिंह रात के वक्त अपने किराए के कमरे से बाहर लघुशंका के लिए आया। तभी घात लगाकर बैठे गुलदार ने उस पर हमला कर दिया। पिता के हो हल्ला करने पर गुलदार देवराज को छोड़कर भाग गया। पौण गांव के ग्रामीणों की मदद से घायल बालक को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां कुछ दिन उपचार करने के बाद हालत ज्यादा गंभीर होने के कारण चिकित्सकों ने उसे हायर सेंटर बरेली रेफर कर दिया। इसके बाद पौण गांव के ग्राम प्रधान प्रतिनिधि महिपाल वल्दिया के नेतृत्व में ग्रामीणों ने देवराज के इलाज के लिए आपस में 75000 की धनराशि इकट्ठा कर पिता करन सिंह को सौंपकर उसे रवाना किया। चूंकि बालक के गले में गुलदार ने गहरा घाव किया था। चिकित्सकों ने उसके आपरेशन के लिए 5-6 लाख की धनराशि की आवश्यकता बताई। आर्थिक रूप से कमजोर पिता के लिए इतनी धनराशि इकट्ठा करना मुश्किल था। जिस कारण वह अपने पुत्र को वापस जिला अस्पताल लेकर आ गया।
बीती शुक्रवार की रात्रि देवराज ने जिला अस्पताल में दम तोड़ दिया। शनिवार को मृतक बालक का पोस्टमार्टम कर शव परिजनों को सौंपा गया। इधर, इस संबध में शनिवार को पौण गांव के ग्राम प्रधान प्रतिनिधि महिपाल वल्दिया के नेतृत्व में ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मुलाकात कर उनसे पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिलाने की मांग की।
मृतक बालक घर का इकलौता चिराग था, उसकी तीन बहनें हैं। पिता मेहनत मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करता है। घर के इकलौते चिराग की मौत से परिवार में कोहराम मचा हुआ है।

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