नारायण ग्रुप से होटल मैनेजमेंट की पढ़ाई देगी शानदार नौकरी

बरेली। करियर की दृष्टि से होटल इंडस्ट्री एक बेहतरीन फील्ड है। होटल मैनेजमेंट की पढ़ाई के बाद इस इंडस्ट्री से जुड़ा जा सकता है। नारायण ग्रुप ऑफ इंस्टिट्यूशन से होटल मैनेजमेंट में इंटरनेशनल डिप्लोमा कर युवा शानदार नौकरी पा सकते हैं।
नारायण ग्रुप के चेयरमैन शशि भूषण बताते हैं कि पहले होटल मैनेजमेंट का मतलब सिर्फ यही माना जाता था कि इस कोर्स को करके सिर्फ शेफ बना जा सकता है। लोग ऐसा सोचते थे कि शेफ बन भी गए तो क्या, यह तो बावर्ची का काम है। अब होटल मैनेजमेंट के कोर्स ने शेफ के अलावा और भी कई तरह के करियर विकल्पों को जन्म दिया है। होटल इंडस्ट्री का दायरा आज काफी बढ़ गया है। आज इस इंडस्ट्री में मैनेजमेंट, एडमिनिस्ट्रेशन, हाउसकीपिंग, मार्केटिंग, मेंटेनेंस जैसे कई विभाग हैं, जिनमें स्किल्ड प्रोफेशनल्स की काफी डिमांड है। यह क्षेत्र ग्लैमरस होने के साथ—साथ काम में सुकून भी प्रदान करता है। 

संस्थान कराएगा इंटरनेशनल इंटर्नशिप
नारायण ग्रुप के चेयरमैन शशिभूषण बताते हैं कि उनके संस्थान में इंटरनेशनल डिप्लोमा इन होटल मैनेजमेंट और इंटरनेशनल डिप्लोमा इन कुलिनरी आर्ट्स के रूप में दो बेहतरीन कोर्स चल रहे हैं। इन्हें कराते समय दुबई,चाइना, कुवैत, मलेशिया, थाईलैंड , मॉरीशस, फ्रांस आदि में इंटरनेशनल इंटर्नशिप भी कराई जाती है। इससे छात्र वास्तविक जीवन से रूबरू हो पाते हैं। यह कोर्स नेशनल स्किल डेवलपमेंट कारपोरेशन से मान्यता प्राप्त हैं। इसके साथ ही एचआर, फाइनेंस, आईटी, मार्केटिंग, एवियशन मैनेजमेंट और हॉस्पिटल मैनेजमेंट में पीजीडीएम कोर्स भी उपलब्ध हैं।

इन विभाग में मिल सकती नौकरी
मैनेजमेंट, फूड एंड बेवरेजेज, हाउसकीपिंग, अकाउंटिंग, मार्केटिंग, रिक्रिएशन, मेंटेनेंस, सिक्योरिटी, फायर फाइटिंग, पब्लिक रिलेशंस आदि।

प्रमुख कोर्स
-बैचलर ऑफ होटल मैनेजमेंट
-बीएससी इन होटल मैनेजमेंट
-बैचलर ऑफ होटल मैनेजमेंट एंड कैटरिंग टेक्नोलॉजी
-बीए/ बीएससी ऑनर्स इन होटल मैनेजमेंट
-बीबीए इन होटल मैनेजमेंट
– मास्टर ऑफ साइंस इन होटल मैनेजमेंट
-एमबीए इन होटल मैनेजमेंट
– सर्टिफिकेट कोर्स इन होटल एंड केटरिंग मैनेजमेंट
-डिप्लोमा इन होटल मैनेजमेंट
– क्राफ्ट्समैनशिप कोर्सेज
-पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन होटल मैनेजमेंट
-डिप्लोमा इन होटल एंड कैटरिंग मैनेजमेंट
– बैचलर डिग्री इन हॉस्पिटैलिटी साइंस
-बीएससी इन होटल मैनेजमेंट एंड कैटरिंग साइंस
योग्यता

12वी पास कर सकते हैं आवेदन
होटल मैनेजमेंट कोर्स में दाखिला लेने की न्यूनतम योग्यता 12वीं है, लेकिन अगर आप ग्रेजुएशन के बाद होटल इंडस्ट्री में करियर बनाना चाहते हैं तो इसके लिए आप एमएससी इन होटल मैनेजमेंट और पीजी डिप्लोमा इन होटल मैनेजमेंट कोर्स कर सकते हैं।

होटल इंडस्ट्री में विकल्प
मैनेजमेंट: किसी भी होटल को अच्छी तरह चलाने  की पूरी जिम्मेदारी मैनेजमेंट पर होती है। हर विभाग के कामकाज के बेहतर संचालन के लिए अलग-अलग मैनेजर होते हैं।


फ्रंट ऑफिस: फ्रंट ऑफिस का काम अतिथियों का स्वागत करना होता है। फ्रंट ऑफिस के अंतर्गत रिसेप्शन, कस्टमर हेल्प डिपार्टमेंट, सूचना डेस्क और रिजर्वेशन आदि आते हैं।
फूड एंड बेवरेजेज: इसमें तीन विभाग शामिल होते हैं- किचन, स्टीवर्ड और फूड सर्विस विभाग। इस विभाग में खाना बनाने से लेकर परोसने तक का काम होता है।


हाउसकीपिंग: होटल की ठीक तरह से देखरेख के लिए हाउसकीपिंग विभाग की जरूरत होती है। कमरों, मीटिंग हॉल, लाउंज, लॉबी, रेस्तरां आदि की साफ-सफाई की जिम्मेदारी इसी विभाग के पास होती है।


मार्केटिंग: होटल में उपलब्ध सेवाओं और सुविधाओं की मार्केटिंग होटल मैनेजमेंट का अहम पहलू है। होटल की बेहतर पैकेजिंग से आकर्षित होकर जितने ग्राहक वहां आते हैं, वे होटल को न सिर्फ बिजनेस देते हैं, बल्कि दूसरों को भी होटल के बारे में बताते हैं। इन सबके अलावा होटल में कई और विभाग होते हैं, जो दूसरे संगठनों या कंपनियों में भी होते हैं, जैसे अकाउंट्स, सिक्योरिटी, मेंटेनेंस इत्यादि।

मिलने वाले पद
-मैनेजमेंट ट्रेनी
-मैनेजर
– शेफ
– कस्टमर रिलेशन एग्जीक्यूटिव
-सेल्स एग्जीक्यूटिव
– केटरिंग ऑफिसर


नौकरी के अवसर
होटल, रेस्तरां/ फास्ट फूड ज्वाइंट, क्लब मैनेजमेंट/ रिक्रिएशन एंड हेल्थ केयर मैनेजमेंट, क्रूज शिप होटल, हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन एंड केटरिंग, इंस्टीट्यूशनल एंड इंडस्ट्रियल केटरिंग, एयरलाइन केटरिंग एंड केबिन सर्विसेज आदि जगहों पर नौकरी के अवसर मौजूद हैं।

वेतन
होटल मैनेजमेंट के क्षेत्र में बतौर ट्रेनी शुरुआती वेतन 18,000 रुपये से 25,000 रुपये होता है। यह वेतन पद, काम और अनुभव के आधार पर बढ़ता जाता है।

रोजगार की संभावनाएं
देश में होटल इंडस्ट्री तेजी से पांव पसार रही है। बड़े और नामी-गिरामी होटल मेट्रो सिटी से आगे बढ़ते हुए राज्यों की राजधानियों तक में अपनी शाखाएं खोल रहे हैं और धीरे-धीरे अन्य छोटे शहरों पर भी ध्यान केन्द्रित कर रहे हैं। इसके अलावा इंटरनेशनल फूड चेन्स बड़े शहरों के बाद अब देश के छोटे शहरों और कस्बों तक में अपनी पहुंच बना रही हैं। पर्यटकों की बढ़ती संख्या तथा छोटे व बड़े शहरों की घटती दूरियों ने इस इंडस्ट्री को अपना  दायरा बढ़ाने पर विवश कर दिया है। विशेषज्ञों के अनुसार इंटरनेशनल मानकों पर चलने वाले हर होटल में स्किल्ड लोगों की काफी कमी है। जहां एक ओर देश में स्किल्ड लोगों की मांग काफी अधिक है, वहीं इनकी संख्या काफी कम है। देश के अलावा विदेश में भी स्किल्ड प्रोफेशनल्स की काफी मांग है।

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