पहले दोस्ती की, फिर अश्लील वीडियो बनाकर छह साल तक किया दुष्कर्म, बंधक बनी पीड़िता ऐसे हुई आजाद

हल्द्वानी। शहर में एक छात्रा के साथ छह साल तक दुष्कर्म करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। निजी संस्था की मदद से छात्रा छह साल बाद आरोपित के चंगुल से बाहर आ सकी और पुलिस के पास पहुंचकर शिकयत दर्ज कराई। अब छात्रा की तहरीर पर आरोपित युवक व उसके साथियों पर दुष्कर्म, आपराधिक षडयंत्र सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।

पुलिस को दी तहरीर में मुखानी थानाक्षेत्र निवासी छात्रा ने बताया कि वर्ष 2015 में, जब उसकी उम्र 16 साल थी तो इंटरमीडिएट कॉलेज के वार्षिक समारोह में उसकी मुलाकात सहपाठी मनीष के रिश्तेदार अरुण गडिय़ा से हुई थी। अरुण ने उससे दोस्ती की और मोबाइल फोन उपहार में दिया। फिर प्यार का नाटक करते हुए उसे आए दिन उपहार देने लगा। इसके बाद वह अक्सर अरुण से मिलने लगी।

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27 जुलाई 2016 को अरुण व मनीष के कहने पर वह उसकी कार में घूमने चली गई, जहां एक घर में अरुण ने कोल्ड ड्रिंक में नशीली दवा मिलाकर उसे पिला दिया, जिससे वह बेसुध हो गई। यहां अरुण ने उसके साथ दुष्कर्म किया। इस दौरान मनीष उसके आपत्तिजनक फोटो लेता रहा और वीडियो भी बनाए। इसके बाद अरुण और मनीष दोनों मिलकर उस फोटो व वीडियो के जरिए उसे ब्लैकमेल करने लगे। अरुण ब्लैकमेल कर बार-बार उससे दुष्कर्म करता रहा।

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फिर एक दिन अरुण ने मांग में जबरन सिंदूर भरने की फोटो ले ली और शादी करने के नाम पर उसे अपने घर में बंधक बना लिया। फिर पांच साल तक वह दुष्कर्म करता रहा। मनीष भी इस अपराध में अरुण का साथ देता रहा। अरुण ने घरवालों को भी ये फोटो दिखाकर उन्हें चुप करा दिया। वह बदनामी और घरवालों के साथ किसी अनहोनी के डर से चुपचाप सहती रही। एक दिन शहर की स्वयंसेवी संस्था वंदे मातरम ग्रुप के सदस्यों से वह मिली तो उन्हीं के माध्यम से छात्रा ने अपनी बात एसएसपी तक पहुंचाई।

एसएसपी के आदेश पर पीडि़ता की तहरीर पर मुखानी थाने में पुलिस ने आरोपित अरुण गड़िया, मनीष कुमार पर दुष्कर्म के लिए धारा 376, आपराधिक षडयंत्र के लिए धारा 120 बी, आरोपित के स्वजनों पर धारा 323, 342, 506 आइपीसी के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

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