पति मनरेगा मजदूर, मगर पत्नी संभालेगी ब्लॉक प्रमुख की कुर्सी, पढ़िए निर्विरोध चुनी गईं गीता देवी की जीत की कहानी

बहराइच। जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव की तरह ब्लॉक प्रमुख के चुनाव में भाजपा को प्रचंड जीत हासिल हुई है। भाजपा ने 825 में से 648 सीटों पर जीत दर्ज की है। इनमें 334 प्रत्याशी निर्विरोध चुने गए हैं। निर्विरोध चुने गए इन्हीं प्रत्याशियों में एक हैं बहराइच के पयागपुर की नव निर्वाचित ब्लॉक प्रमख गीता देवी। यहां इनकी चर्चा हम इसलिए कर रहे हैं, क्योंकि इनकी जीत बेहद खास है। अच्छा व्यवहार और भाग्य का थोड़ा सा साथ कैसे किसी को फर्श से अर्श पर पहुंचा था, गीता देवी उसकी उदाहरण हैं।

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ब्लॉक प्रमुख चुनाव के दौरान जब हर तरफ बवाल और प्रत्याशी समर्थकों की उत्पात की खबरें सामने आ रही थीं तो वहीं बहराइच के बेलवा पदुम गांव निवासी गीता देवी इन सबसे दूर गांव वालों के साथ जीत का जश्न मना रही थीं। धनबल और बाहुबल के इस चुनाव में फूस और टिनशेड में रहने वाली आर्थिक रूप से बेहद कमजोर गीता राजनीति से कोशों दूर हैं। उनके पति मनरेगा मजदूर है। उन्होंने कभी सपने में भी क्षेत्र पंचायत प्रमुख का ताज पहनने के बारे में नहीं सोचा था, मगर पयागपुर ब्लाक के क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने गीतादेवी के पक्ष में ही अपना जनादेश दिया है। इंटर तक शिक्षित गीता देवी पहली बार बीडीसी सदस्य निर्वाचित हुई हैं। उनका सपना क्षेत्र के अत्यंत पिछड़े इलाके में सड़कों का जाल बिछाकर लोगों के लिए विकास के रास्ते सुगम बनाना है।

अनुसूचित जाति के गीता देवी के पति पवन कुमार मजदूरी व थोड़ी सी खेती पर गुजर-बसर करते हैं, मगर यहां भाग्य ने उनकी किस्मत बदल दी। दरअसल, त्रिस्तरीय आरक्षण व्यवस्था के चलते बेलवा पदुम कमाल सतरही सीट अनुसूचित महिला के लिए आरक्षित हो गई। ऐसे में भाजपा ने अनूसूचित वर्ग की शिक्षित एवं पार्टी के प्रति निष्ठावान महिला कार्यकर्ता की तलाश शुरू की तो जिला पंचायत सदस्य सम्मय प्रसाद मिश्र ने 40 वर्षीय गीता देवी का नाम आगे बढ़ाया। भाजपा जिलाध्यक्ष सहित प्रदेश नेतृत्व को भी उनका नाम पसंद आ गया। पार्टी ने उम्मीदवार घोषित कर दिया।

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यहां एक और उम्मीदवार कुसुमादेवी मैदान में थीं, लेकिन उन्हें मैदान से हटाकर निर्विरोध प्रमुख बनाने में सम्मय प्रसाद के साथ ही क्षेत्रीय विधायक सुभाष त्रिपाठी व पूर्व विधान परिषद सदस्य अरुणवीर सिंह ने अहम भूमिका निभाई। अब प्रमुख निर्वाचित गीतादेवी भाजपा के सिद्धांत सबका साथ सबका विकास के नारे को साकार करने के लिए खुद को संकल्पवद्ध बताती हैं।

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