Corona से बिगड़े हालात तो UP के मंत्री ने लिखी चिट्ठी, बोले-नहीं सुधरे हालात तो लगाना पड़ेगा लॉकडाउन

पिछले 24 घंटे में कोरोना संक्रमण के 18,021 नए केस आए हैं। इनमें लखनऊ में मिले मरीजों की संख्या 5382 है।

लखनऊ। कोरोना अब पूरी तरह बेकाबू हो चुका है। उत्तर प्रदेश में लखनऊ के हालात सबसे ज्यादा खराब हैं। मंगलवार को ही यहां पिछले 24 घंटे में कोरोना संक्रमण के 18,021 नए केस आए हैं। इनमें लखनऊ में मिले मरीजों की संख्या 5382 है। वहीं इस दौरान प्रदेश में 85 मरीजों ने जान भी गंवाई है।

ऐसे में प्रदेश के कानून मंत्री ब्रजेश पाठक ने अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग व प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा को पत्र लिखा है और संक्रमण से बिगड़ रही स्थिति को संभालने की अपील की है। साथ ही ये भी कहा है कि अगर हालात नियंत्रण में नहीं आए तो लॉकडाउन लगाना ही अंतिम रास्ता होगा।

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उन्होंने पत्र में लिखा कि जिले में प्रतिदिन चार से पांच हजार कोरोना के मरीज मिल रहे हैं। अस्पतालों में बेड की संख्या बेहद कम है। लखनऊ के प्राइवेट पैथोलॉजी सेंटरों में जांच बंद करा दी गई है और सरकारी अस्पतालों में कोविड की जांच में कई दिनों का समय लग रहा है।

उन्होंने अफसरों से कोविड के मरीजों के लिए अस्पताल में बेड बढ़ाने की अपील की है। उन्होने कहा कि अगर वर्तमान हालात को जल्द नियंत्रित नहीं किया गया तो लखनऊ में लॉकडाउन लगाना पड़ सकता है।

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उन्होंने पत्र में लिखा है कि जिले में प्रतिदिन चार से पांच हजार कोरोना के मरीज मिल रहे हैं। अस्पतालों में बेड की संख्या बेहद कम है। लखनऊ के प्राइवेट पैथोलॉजी सेंटरों में जांच बंद करा दी गई है और सरकारी अस्पतालों में कोविड की जांच में कई दिनों का समय लग रहा है। एंबुलेंस को भी पहुंचने में 5 से 6 घंटे लग रहे हैं। उन्होंने पत्र में पद्मश्री योगेश प्रवीण के निधन का जिक्र करते हुए लिखा है कि सीएमओ से बात करने के बाद भी उन्हें समय पर न तो एंबुलेंस मिल पाई और न ही चिकित्कीय सुविधा। इसी अव्यवस्था के कारण उनका निधन हो गया।

ऐसे में मंत्री ने अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग व प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा से व्यवस्था सुधारने की अपील की है।

 

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