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बेरोजगार हैैं तो पढ़ लीजिए यह खबर, 50 हजार का ऋण और उसमें भी जबरदस्त अनुदान। सरकार ने लांच की यह मनमोहक योजना

 

देहरादून : सरकार अब बेरोजगारों को छोटा उद्यमी बनाने के लिए भी मनमोहक योजना लेकर आई है। अगर आपने 50 हजार रुपये तक का ऋण लिया है तो आपको अच्छा-खासा अनुदान मिलेगा। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि मुख्यमंत्री स्वरोजगार नैनो योजना छोटे उद्यमियों एवं व्यापारियों को आत्मनिर्भर बनाने में मददगार होगी। उन्होंने कहा कि छोटे उद्यम लगाने के इच्छुक बेरोजगारों को 50 हजार रुपये तक भी ऋण मिल सकेगा। इस योजना में सामान्य श्रेणी के आवेदकों को अधिकतम 35 फीसद या फिर 17500 रुपये और अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, भूतपूर्व सैनिक, महिला, दिव्यांग, अल्पसंख्यक व पिछड़ा वर्ग को अधिकतम 40 प्रतिशत अथवा 20 हजार रुपये तक अनुदान दिया जाएगा।
प्रदेश की धामी सरकार ने कोरोनाकाल के दौरान वापस लौटे प्रवासियों व उद्यमशील युवाओं को बेरोजगारी से उबारने के लिए कई योजनाएं शुरू की हंै। इनमें से अधिकांश योजनाओं में पात्रता की शर्तें तथा ऋण प्राप्त करने के लिए औपचारिकताएं अधिक होने के कारण छोटे उद्यमियों को ऋण प्राप्त करने में परेशानी हो रही है। विशेषकर ठेली व रेहड़ी लगाने के इच्छुक व्यक्तियों को कोई लाभ नहीं मिल पा रहा था। इसे देखते हुए प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री स्वरोजगार नैनो योजना में संशोधन करने का निर्णय लिया। इसके तहत नए उद्यम शुरू करने के इच्छुक युवाओं को न्यूनतम औपचारिकता के साथ 50 हजार रुपये तक ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। इस योजना में उद्योग, सेवा, सब्जी व फल, फास्ट फूड, मोबाइल रिपेयङ्क्षरग, सिलाई-बुनाई, बेकरी, बागवानी, पशुपालन, मुर्गी पालन, मत्स्य पालन व लांड्री जैसे छोटे व्यवसाय के लिए बैंकों के माध्यम से ऋण दिलाया जाएगा। सरकार का लक्ष्य इस योजना के अंतर्गत तीन वर्षों में 20 हजार व्यक्तियों को लाभान्वित करने का है। मकसद यह कि घर लौटे प्रवासी अपने गांव अथवा सीमावर्ती स्थान पर ही अपना उद्यम व व्यवसाय शुरू कर सकें।

पांच श्रेणियों में निर्धारित की गई है योजना

सचिव उद्योग अमित नेगी ने बताया कि इसके लिए पांच श्रेणियां निर्धारित की गई हैं। श्रेणी-ए में पिथौरागढ़, उत्तरकाशी, चमोली, चंपावत और बागेश्वर को शामिल किया गया है। यहां के अभ्यर्थियों को कुल लागत की 35 प्रतिशत से लेकर 40 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा।
दूसरी श्रेणी-बी और बी प्लस बनाई गई है। इसमें अल्मोड़ा, पौड़ी गढ़वाल, टिहरी, नैनीताल और देहरादून के पर्वतीय इलाके बी प्लस में लिए गए हैं। इन्हें अधिकतम 30 से लेकर 35 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा। सी और डी श्रेणी में देहरादून के मैदानी इलाके, नैनीताल जिले के रामनगर और हल्द्वानी में आने वाले सभी क्षेत्र, हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर को शामिल किया गया है। इन्हें परियोजना लागत का अधिकतम 25 प्रतिशत से लेकर 30 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा।

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