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जस्टिस सुधांशु धूलिया बने सुप्रीम कोर्ट के जज, उत्तराखंड से है खास रिश्ता, बेटा नैनीताल में डॉक्टर, छोटा भाई फिल्म डायरेक्टर

न्यूज जंक्शन 24, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट को आज दो नए जज मिल गए हैं। चीफ जस्टिस की अगुवाई वाले पांच जजों के कॉलेजियम ने केंद्र सरकार को भेजी सिफारिश में गुवाहाटी हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस सुधांशु धूलिया (Justice Sudhanshu Dhulia) और गुजरात हाईकोर्ट के जज जस्टिस जमशेद बी परदीवाला को सुप्रीम कोर्ट जज के रूप में नियुक्ति दे दी थी। आज दोनों जजों ने सुप्रीम कोर्ट में पद और गोपनीयता की शपथ ली। इसके साथ ही जस्टिस धूलिया उत्तराखंड हाईकोर्ट से सुप्रीम कोर्ट आने वाले दूसरे जज बन गए हैं।

मुख्य न्यायाधीश एनवी रमणा की अध्यक्षता वाले कॉलेजियम में जस्टिस यूयू ललित, जस्टिस खानविलकर, जस्टिस चंद्रचूड़ और जस्टिस नागेश्वर राव हैं। सुधांशु धूलिया मूल रूप से उत्तराखंड के रहने वाले हैं और वह उत्तराखंड हाईकोर्ट के भी न्यायाधीश रह चुके हैं।

सुप्रीम कोर्ट के जजों के दो पद अब भी रिक्त

सुप्रीम कोर्ट में 32 न्यायाधीश हैं। वर्तमान में 34 न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या में से 2 रिक्तियां हैं। हालांकि, कोर्ट जल्द ही और रिक्तियों को भरने के लिए तैयार है। क्योंकि 10 मई और 7 जून को जस्टिस विनीत सरन और एल नागेश्वर राव की सेवानिवृत्त हो रहे हैं।

जस्टिस धूलिया के बारे में जानिए

जस्टिस सुधांशु धूलिया (Justice Sudhanshu Dhulia)  का जन्म 10 अगस्त 1960 को लैंसडाउन, पौड़ी गढ़वाल में हुआ था और उनकी प्रारंभिक शिक्षा देहरादून और इलाहाबाद में हुई थी। वह सैनिक स्कूल, लखनऊ के पूर्व छात्र हैं और उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से लॉ में स्नातक किया है। जस्टिस धूलिया के पिता केशव चंद्र धूलिया इलाहाबाद हाई कोर्ट के जज थे। वहीं, उनके दादा भैरव दत्त धूलिया स्वतंत्रता सेनानी थे। ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ में भागीदारी के लिए उन्होंने 3 साल जेल में बिताए थे। जाने-माने फ़िल्म निदेशक और अभिनेता तिग्मांशु धूलिया उनके छोटे भाई हैं।

न्यायमूर्ति धूलिया (Justice Sudhanshu Dhulia)  1986 में इलाहाबाद उच्च न्यायालय में बार में शामिल हुए और 2000 में इसके गठन पर अपने गृह राज्य उत्तराखंड में स्थानांतरित हो गए। वह उत्तराखंड उच्च न्यायालय में पहले मुख्य स्थायी वकील थे और बाद में उत्तराखंड राज्य के लिए एक अतिरिक्त महाधिवक्ता थे। उन्हें 2004 में एक वरिष्ठ अधिवक्ता के रूप में नामित किया गया था। वहीं, नवंबर 2008 में उत्तराखंड के उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में जस्टिस धूलिया को पदोन्नत किया गया था। बाद में 10 जनवरी 2021 को असम, मिजोरम, नागालैंड और अरुणाचल प्रदेश के उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश बने।

जस्टिस धूलिया (Justice Sudhanshu Dhulia)  के तीन पुत्र हैं। जिनमें एक पुत्र श्रेयांस धूलिया बीडी पांडे अस्पताल नैनीताल में डॉक्टर हैं, जबकि एक पुत्र उत्तराखंड हाई कोर्ट में अधिवक्ता और तीसरे पुत्र अपने पिता के साथ ही हैं।

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