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Saturday, October 23, 2021

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कुमाऊं में नशे का जाल फैलाने में खाकी हुई दागी, सिपाही पर कसा जा रहा शिकंजा

रुद्रपुर। कुमाऊं में पहाड़ से लेकर मैदान तक चरस तस्करी का जाल फैलाकर युवाओं को नशे के कुएं में धकेलने में पुलिस कर्मियों की ही भूमिका सामने आई है। बीते दिनों ऊधमसिंह नगर पुलिस ने इस मामले में पिथौरागढ़ के दो पुलिस कर्मियों समेत चार तस्करों को गिरफ्तार किया था। अब इस मामले में चम्पावत में तैनात कांस्टेबल प्रदीप सिंह फ्त्र्याल की संलिप्तता की पुलिस जांच कर रही है। बताया जा रहा है कि प्रदीप ही तस्करों के गिरोह का सरगना है। पहले भी चरस तस्करी में उसका नाम आ चुका है। अब प्रदीप से पूछताछ के लिए जल्द ही पुलिस की एक टीम चम्पावत जाएगी। जांच में साक्ष्य मिले तो पुलिस उसकी गिरफ्तारी भी करेगी।

शनिवार को किच्छा कोतवाली पुलिस ने लालपुर क्षेत्र में कार सवार चार युवक प्रभात सिंह बिष्ट, दीपक पांडे, विपुल शैला और पीयूष खड़ायत को आठ किलो चरस के साथ गिरफ्तार किया था। पूछताछ में पता चला कि गिरफ्तार प्रभात सिंह बिष्ट और दीपक पांडेय पिथौरागढ़ पुलिस लाइन में तैनात हैं। इस पर किच्छा पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू कर दी थी। पूछताछ के दौरान पता चला कि उन्हें चरस चम्पावत कोतवाली में तैनात कांस्टेबल प्रदीप सिंह फ्त्र्याल ने मुहैया कराया था। एसपी सिटी ममता बोहरा ने बताया कि पूछताछ में पकड़े गए पुलिस कर्मियों ने चरस चम्पावत में तैनात कांस्टेबल प्रदीप सिंह से लाने की बात कबूल की थी। इसकी पुष्टि के लिए पुलिस टीम जल्द ही चम्पावत पहुंचकर कांस्टेबल से पूछताछ करेगी। बताया कि चरस तस्करी में उसकी संलिप्तता मिलने पर उसे गिरफ्तार किया जाएगा।

पुलिस कर्मियों की कॉल डिटेल से खुलेगा राज

आठ किलो चरस के साथ पुलिस ने दो कांस्टेबल समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है। जबकि चम्पावत में तैनात कांस्टेबल प्रदीप सिंह फ्त्र्याल को इसका मास्टर माइंड बताया जा रहा है। ऐसे में पुलिस के सामने सवाल खड़े हो गए हैं कि लाखों की चरस कहां से लाई गई और किसे सप्लाई की जा रही थी। साथ ही इस धंधे में पुलिस कर्मियों के साथ और कौन कौन लोग जुड़े हैं। इसके रहस्य तक पुलिस पहुंचने का प्रयास कर रही है। इसके लिए पुलिस पकड़े गए दोनों पुलिस कर्मियों समेत चारों तस्कर और चम्पावत में तैनात कांस्टेबल प्रदीप के मोबाइल नंबरों पर करीब एक सप्ताह के भीतर आए और किए गए कॉल की सीडीआर निकालेगी। ताकि सीडीआर में मिले संदिग्ध नंबरों से पूछताछ कर पुलिस चरस तस्करी से जुड़े इस पूरे चैन का पर्दाफाश कर सके।

 

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