ऑक्सीजन की कमी-गंगाराम अस्पताल में 24 घंटे में 25 कोविड मरीजों की जा चुकी जान, 60 अभी खतरे में

नयी दिल्ली। सर गंगाराम अस्पताल में 24 घंटे के भीतर 25 कोविड मरीजों की मौत हो गई। 60 अन्य की जान भी खतरे में है। बताया जा रहा है कि ऑक्सीजन की कमी के कारण ये मौतें हुई हैं।

सर गंगाराम अस्पताल (एसजीआरएच) के एक अधिकारी ने बताया कि ऑक्सीजन का टैंकर सुबह करीब नौ बजकर 20 मिनट पर पहुंचा। यह खेप करीब पांच घंटे और चलेगी जो ऑक्सीजन की खपत पर निर्भर करता है। एसजीआरएच के चेयरमैन डॉ डी एस राणा ने कहा, ”हमें सिर्फ निर्बाध और समय पर ऑक्सीजन की आपूर्ति की जरूरत है।
मध्य दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल में 500 से ज्यादा संक्रमित मरीज भर्ती हैं और इनमें से 150 मरीज ‘हाई फ्लो ऑक्सीजन सपोर्ट पर हैं। अस्पताल में एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ”वेंटिलेटर और बीआईपीएपी मशीनें भी प्रभावी रूप से काम नहीं कर रही हैं। गंभीर रूप से बीमार अन्य 60 मरीजों की जान भी खतरे में हैं और गंभीर संकट की आशंका है।
अधिकारी के अनुसार अस्पताल के आईसीयू और आपात-चिकित्सा विभाग में गैर-मशीनी तरीके से वेंटिलेशन बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है।
अस्पताल के अधिकारियों ने बृहस्पतिवार रात सरकार को आपात संदेश भेजकर कहा था कि स्वास्थ्य केंद्र में केवल पांच घंटे के लिए ऑक्सीजन बची है और तुरंत इसकी आपूर्ति का अनुरोध किया था।
एक अधिकारी ने बताया, ”रात आठ बजे तक मौजूद ऑक्सीजन का भंडार पांच घंटे और चलता जो रात एक बजे तक चल सकता था।
अस्पताल को रात में साढ़े 12 बजे के करीब कुछ ऑक्सीजन की आपूर्ति की गयी।
एक सूत्र ने बताया, ”दो टन ऑक्सीजन ले कर आ रहा एक टैंकर आंबेडकर अस्पताल के पास फंस गया।
पिछले चार दिनों में शहर के कई निजी अस्पतालों में ऑक्सीजन की आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित हुई है। कुछ अस्पतालों ने दिल्ली सरकार से मरीजों को दूसरे स्वास्थ्य केंद्रों में भी भेजने का अनुरोध किया।
एक सरकारी अधिकारी ने बृहस्पतिवार को कहा था कि कुछ अस्पतालों ने अल्प समय के लिए इंतजाम कर लिए हैं लेकिन संकट का समाधान होता नहीं दिख रहा।
दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्ष वर्धन को एक पत्र में कहा था कि बृहस्पतिवार शाम तक छह निजी अस्पतालों में ऑक्सीजन का भंडार खत्म हो जाएगा।
एक सरकारी डॉक्टर ने कहा कि ऑक्सीजन के गंभीर संकट के कारण दिल्ली के अस्पताल और मरीजों को भर्ती करने से बच रहे हैं।

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