देवस्थानम बोर्ड का फैसला, बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री व यमुनोत्री के गर्भगृह से नहीं होगा पूजा का सजीव प्रसारण

उत्तराखंड चारधाम देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड की बैठक संपन्न हो गई है। शुक्रवार को सचिवालय में देवस्थानम बोर्ड के अध्यक्ष एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई। बैठक में हाईकोर्ट के आदेश, बोर्ड बजट, हक-हकूकधारियों के अधिकारों को संरक्षित रखने समेत तमाम बिंदुओं पर चर्चा की गई। तय किया गया कि धार्मिक मान्यताओं को देखते हुए बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री व यमुनोत्री के गर्भगृह से पूजा का सजीव प्रसारण नहीं होगा। चारधाम देवस्थानम बोर्ड को लेकर तीर्थ पुरोहितों की जो भी शंकाएं हैं, उन्हें निर्मूल किया जाएगा।

बैठक में मुख्य रूप से हाईकोर्ट द्वारा दिए गए लाइव स्ट्रीमिंग के आदेश पर विशेष रूप से चर्चा की गई। क्योंकि, वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण की वजह से हाईकोर्ट ने चारधाम की यात्रा पर रोक लगाते हुए राज्य सरकार को आदेश दिए थे कि श्रद्धालुओं की आस्था को ध्यान में रखते हुए धामों के पूजा पाठ का लाइव स्ट्रीमिंग कराई जाए, जिसके बाद बोर्ड बैठक में इस मामले को लेकर चर्चा की गई।

बैठक में बोर्ड ने यह निर्णय लिया कि मंदिर के गर्भ गृह से लाइव स्ट्रीमिंग नहीं कराई जा सकती है। लिहाजा, जिस तरह पहले मंदिर के बाहर परिसर से लाइव स्ट्रीमिंग की जा रही थी, उसी तरह आगे भी लाइव स्ट्रीमिंग कराई जाएगी। हालांकि, बोर्ड के सदस्यों ने यह तर्क दिया कि यह चारों धामों के पूजा पद्धति के खिलाफ है।

जोशीमठ में बनेगा पहला वेद अध्ययन केंद्र

देवस्थानम बोर्ड की बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि जोशीमठ में श्री बद्रीनाथ वेद वेदांग स्नातकोत्तर संस्कृत महाविद्यालय जोशीमठ की अध्यासन वाली भूमि पर वेद अध्ययन केंद्र स्थापित किया जाएगा।

विरोध कर रहे पुरोहितों से करेंगे बात

बैठक के बाद सीएम पुष्कर सिंह धामी ने सभी सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि चारधाम स्थित मंदिरों में पुरानी परम्पराएं चलती रहेंगी। राज्य सरकार का कार्य मंदिर की आंतरिक व्यवस्थाओं पर अधिकार करना नहीं, बल्कि सहयोग करना है। हमारा उद्देश्य मंदिर परिसरों की सुविधाओं के विकास में सहयोगी बनना है। सीएम ने कहा कि देवस्थानम बोर्ड का विरोध कर रहे तीर्थ पुरोहित से बातचीत की जाएगी।

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