धोखाधड़ी के आरोपी को पकड़ने गया दरोगा, खुद हो गया गिरफ्तार, जानिए क्या है मामला

देहरादून। धोखाधड़ी के आरोपी को पकड़ने उत्तराखंड से चंडीगढ़ गए दरोगा जी खुद ही गिरफ्तार हो गए। सुनने में यह थोड़ा चौंकाने वाला मामला जरूर लग रहा है, मगर यह सच है। चंडीगढ़ में सीबीआई ने दरोगा को एक लाख रुपये रिश्वत लेते दबोचाहै। इसके बाद सीबीआई ने दून स्थित उनके घर पर भी छापा मारा।

दरअसल, आठ दिसंबर 2020 को देहरादून के कुछ लोगों ने शिकायत की थी कि फर्जी कंपनी बनाकर विदेश भेजने के नाम पर उनसे 20 से 25 लाख रुपये ठगे गए हैं। इस मामले में तीन मार्च को लक्ष्मीनारायण उर्फ विनोद उर्फ निर्मल सिंह निवासी कलायत, कैथल हरियाणा को गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ में उसने चंडीगढ़ निवासी एक साथी का और नाम बताया था। इसी फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने कोर्ट से गिरफ्तारी वारंट जारी कराया और कैंट थाने के एसएसआई हेमंत खंडूरी को चंडीगढ़ भेजा, मगर बताया जा रहा है कि खंडूरी ने उस आरोपी से कुल पांच लाख रुपये की रिश्वत की मांग की थी। लेकिन, वह एक लाख रुपये देने को राजी हुआ था। इसके बदले आश्वासन मिला था कि अब उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। इस बीच वारंटी ने सीबीआइ से संपर्क कर रिश्वत मांगे जाने की शिकायत की। इसके बाद पूरा जाल बिछाया गया।

वारंटी के कहने पर शनिवार को दरोगा खंडूरी उससे रुपये लेने चंडीगढ़ पहुंचे। वह वारंटी से मिले और एक लाख रुपये हाथ में लिए ही थे कि सीबीआई ने मौके पर पहुंचकर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद नियमानुसार सीबीआई चंडीगढ़ ने स्थानीय सीबीआई टीम को सूचित किया। कुछ देर बाद सीबीआई देहरादून की टीम पुलिस लाइन स्थित हेमंत खंडूरी के घर पर पहुंच गई। चार सदस्यीय टीम घर में देर शाम तक कार्रवाई करती रही। एक टीम पुलिस लाइन भी भेजी गई।

इस मामले में डीजीपी अशोक कुमार ने बताया कि उन्हें रिश्वतकांड की जानकारी विभिन्न सूत्रों के हवाले से मिली है। इसमें कुछ भी सच्चाई हुई तो दरोगा को बर्खास्त किया जाएगा। यह बहुत ही निंदनीय है।

 

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