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उत्तराखंड की जेलों के कैदी बनेंगे रेडियो जॉकी, देहरादून, हल्द्वानी और हरिद्वार में शुरू हो रहा जेल रेडियो

देहरादून। उत्तराखंड की जेलों में बंदियों को सुधारने के लिए कई प्रयास चल रहे हैं। इन्हीं में एक और प्रयास कर कैदियों को सकारात्मक कामों से जोड़ा जा रहा है। इसके लिए जेल से जेल रेडियो की शुरुआत की जा रही है, जिनमें रेडियो जॉकी काम कैदी ही करेंगे। इसके लिए ऑडिशन भी पूरा हो चुका है। अब उम्मीद है कि जल्द ही देहरादून, हल्द्वानी और हरिद्वार की जेलों में जेल रेडियो की शुरुआत हो जाएगी।

डॉ. वर्तिका नंदा दिलाएंगी ट्रेनिंग

जेल में रेडियो लाने का जिम्मा जेल सुधारक डॉ. वर्तिका नंदा को दिया गया है। वही कैदियों को आरजे की ट्रेनिंग दिलाएंगी। 2021 में हरियाणा की जेलों और 2019 में देश की सबसे पुरानी जेल जिला जेल आगरा, में रेडियो लाने का श्रेय भी उन्हीं को जाता है। वे तिनका तिनका संस्था की संस्थापक हैं और दिल्ली विश्वविद्यालय के लेडी श्रीराम कॉलेज में पत्रकारिता विभाग की प्रमुख हैं।

सूचना औऱ मनोरंजन दोनों तरह के कार्यक्रम होंगे

जेल का यह रेडियो तिनका मॉडल ऑफ प्रिजन रिफार्मस पर आधारित होगा। जेल रेडियो जेल में सूचना औऱ मनोरंजन- दोनों ही जरूरतों को पूरा करेगा। इससे हुनरमंद बंदियों को विविध कार्यक्रमों के जरिए अपनी प्रतिभा को सामने रखने का मौका मिलेगा। यह रेडियो जेल में प्रतिदिन होने वाली आधिकारिक गतिविधियों के बारे में भी सूचनाएं देगा। इसके अलावा फरमाइशी गाने, अदालत में जाने की सूचनाएं, जेल प्रशासन की गतिविधियों की जानकारी, उनके परिजनों के साथ मुलाकात और अन्य तरह के विषयों पर भी जानकारी इस रेडियो द्वारा दी जाएगी। इस बीच देहरादून जेल में एक साउंडप्रूफ स्टूडियो तैयार किया जा रहा है।

जेल में साउंडप्रूफ स्टूडियो

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून की सुद्दोवाला जेल में बंदियों को जुलाई के महीने में इस बारे में सूचित किया गया था और रेडियो जॉकी बनने के लिए अपने नाम देने के लिए प्रोत्साहित किया गया। इसके बाद जेल में पहले चरण का चयन किया गया और फिर ऑडीशन की प्रक्रिया को मूर्त रूप दिया गया। रेडियो जॉकी बनने के लिए देहरादून में 20 कैदियों ने नाम दिए थे, इनमें पांच महिलाएं थीं। ऑडीशन में पास होने वाले आवेदकों को तिनका तिनका संस्था प्रोफेशनल रेडियो जॉकी की ट्रेनिंग देगा और उन्हें सर्टिफिकेट भी दिया जाएगा। इन बंदियों को सक्रिय तौर से तिनका तिनका के जेल पॉडकास्ट से भी जोड़ा जाएगा जो देश की जेलों को समर्पित इकलौता पॉडकास्ट है।

तीन चरणों में 10 जेलों में होगा काम

उत्तराखंड जेल रेडियो को तीन चरणों में बांटा गया है। इसमें 10 जेलें शामिल होंगी। पहले चरण के लिए जिला जेल देहरादून, जिला जेल हरिद्वार और उप कारागार हल्द्वानी का चयन किया गया है। यह चयन राज्य के महानिरीक्षक कारागार एपी अंशुमान ने किया है। जेल प्रशासन के मुताबिक हाल में हरियाणा की जेलों में बंदियों के लिए तीन चरणों में रेडियो शुरू किया गया जिसकी काफी सराहना हो रही है। यह काम तिनका तिनका की संस्थापक डॉक्टर वर्तिका नन्दा की मदद से किया गया था। इसका अनुसरण करते हुए अब उत्तराखंड की जेलें भी रेडियो लाने को तत्पर हैं।

बंदियों को रेडियो जॉकी बनाने का मुख्य मकसद उन्हें एक तरह का प्लेटफॉर्म देकर उनको नए जीवन के लिए प्रोत्साहित करना है। इस जेल के जेलर पवन कोठारी के मुताबिक जेल रेडियो एक ऐसा माध्यम बनेगा जो हमारी जेल के बन्दियों की प्रतिभा को उभरने का एक मंच प्रदान करेगा।

दधिराम, सीनियर सुपरिटेंडेंट, देहरादून जेल

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