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केदारनाथ धाम में पूर्व CM त्रिवेंद्र का विरोध, तीर्थ पुरोहितों ने धक्का देकर लौटाया

न्यूज जंक्शन 24, देहरादून। केदारनाथ (Kedarnath) धाम से हैरान करने वाली खबर है। यहां भगवान केदार (Kedarnath) का दर्शन करने पहुंचे पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत को तीर्थ पुरोहितों ने धक्का देकर लौटा दिया। तीर्थ पुरोहित देवस्थानम बोर्ड (Devasthanam Board) का विरोध कर रहे हैं, जिसके कारण पूर्व सीएम को विरोध का सामना करना पड़ा।

तीर्थ पुरोहितों का कहना है कि राज्य सरकार ने दो महीने का समय मांगा था लेकिन सरकार वादाखिलाफी कर रही है। देवस्थानम बोर्ड (Devasthanam Board) पर कोई फैसला न आने से तीर्थ पुरोहितों में आक्रोश है। बताया जा रहा है कि स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक से तीर्थ पुरोहितों की वार्ता चल रही है। मगर इस बीच देवस्थाम बोर्ड (Devasthanam Board) भंग करने की मांग को लेकर चारों धामों के तीर्थ पुरोहितों और हकूकधारियों के आंदोलन ने उग्र रूप से ले लिया है। इसी उग्र रूप के चलते सोमवार को केदारनाथ धाम (Kedarnath) पहुंचे पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत को तीर्थ पुरोहितों के विरोध का सामना करना पड़ा। तीर्थ पुरोहितों ने पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत को केदारनाथ धाम (Kedarnath) के संगम पुल पर रोका और धक्का देकर लौटा दिया।

इसलिए हो रहा देवस्थानम बोर्ड (Devasthanam Board) का विरोध

हर साल धामों में करोड़ों रुपये का चढ़ावा चढ़ता है। ऐसे में अब इस चढ़ावे का पूरा हिसाब-किताब रखा जाएगा। यानी जो चढ़ावा चढ़ता है उसकी बंदरबांट नहीं हो पाएगी। इसके चलते भी तीर्थ पुरोहित और हक हकूकधारी बोर्ड का विरोध कर रहे हैं।

ये है देवस्थानम बोर्ड

चारधाम और उनके आसपास के 51 मंदिरों में अवस्थापना सुविधाओं का विकास, समुचित यात्रा संचालन एवं प्रबंधन के लिए उत्तराखंड चारधाम देवस्थानम प्रबंधन अधिनियम को राजभवन की मंजूरी मिलने के बाद चारधाम देवस्थानम बोर्ड (Devasthanam Board) अस्तित्व में लाया गया है। मंदिरों के रखरखाव, बुनियादी सुविधाओं और ढांचागत सुविधाओं के लिए पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत के कार्यकाल में ही देवस्थानम बोर्ड का गठन किया गया था। मुख्यमंत्री को इसका अध्यक्ष, संस्कृति एवं धर्मस्व मंत्री को उपाध्यक्ष और गढ़वाल मंडल के मंडालायुक्त को सीईओ की जिम्मेदारी दी गई। इस बोर्ड का वास्तविक मकसद यात्रा की व्यवस्था को बेहतर किया जाना है।

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