14.9 C
New York
Wednesday, October 20, 2021

Buy now

Up news : 45 अस्पतालों में छापा, फ्रिज में दवाओं की जगह मिली बीयर की बोतलें। रोगियों का उपचार करता मिला BSc का स्टूडेंट

लखनऊ। यूपी की राजधानी के अलग-अलग इलाकों में बिना मानक के चल रहे 45 अस्पतालों पर जिला प्रशासन की छह टीमों ने छापा मारा है। ज्यादातर अस्पतालों के पास लाइसेंस ही नहीं मिला। किसी के पास तो वह एक्सपायरी था। ज्यादातर जगह डॉक्टर भी नहीं मिले। एक अस्पताल में तो बीएससी पास संचालक ही मरीज का इलाज कर रहे था। नर्सिंग व ओटी टेक्नीशियन का काम छात्र कर रहे थे। ओटी के फ्रिज में दवाओं की जगह बीयर की बोतलें मिलीं। इतनी अव्यस्थाएं मिलने पर सीएमओ डॉ. मनोज अग्रवाल ने 29 अस्पतालों के खिलाफ नोटिस जारी किया है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि अस्पताल प्रबंधन ने संतोषजनक जवाब नहीं दिया तो सीलिंग की कार्रवाई की जाएगी।

इन अस्पतालों में पड़ा छापा

दुबग्गा से हरदोई रोड पर अपर नगर मजिस्ट्रेट द्वितीय किंशुक श्रीवास्तव व डॉ. मिलिंद के नेतृत्व में निकली टीम पांच अस्पतालों में गई। इस दौरान मॉडर्न हॉस्पिटल मैटरनिटी एंड ट्रॉमा सेंटर में तीन आईसीयू के बेड मिले लेकिन एक्स-रे व इमरजेंसी की सुविधाएं नहीं थीं। डॉक्टर नहीं मिले, स्टाफ नर्स के पास नर्सिंग की डिग्री तक नहीं थी। बताया गया कि रजिस्ट्रेशन के नवीनीकरण के लिए आवेदन किया गया है। वहीं न्यू एशियन हॉस्पिटल एंड ट्रॉमा सेंटर में भी डॉक्टर नहीं थे और बीएससी डिग्रीधारक अस्पताल मालिक प्रेम कुमार वर्मा खुद ही मरीजों का इलाज करता मिला। दूसरे बीएएमएस डॉक्टर एनके शुक्ला डिग्री नहीं दिखा सके। यहां फार्मेसी का लाइसेंस भी नहीं था और न ही फार्मासिस्ट। एएनएम का कोर्स कर रहे छात्र नर्सिंग की ड्यूटी करते मिले। मेरिटस हॉस्पिटल में भी एएनएम और जीएनएम का कोर्स कर रहे छात्र-छात्राएं नर्सिंग व ओटी टेक्निशियन की ड्यूटी कर रहे थे। लाइसेंस की वैधता भी समाप्त पाई गई।

यहां मिलीं बीयर की बोतलें

लखनऊ तुलसी एंड ट्रॉमा सेंटर में चार आईसीयू बेड थे, लेकिन ईएमओ व अन्य डॉक्टर नहीं मिले। यहां ओटी के फ्रिज में बीयर की बोतलें रखी मिलीं। लाइसेंस की वैद्यता भी खत्म हो गई थी। इसी तरह मेडिप्लस एंड ट्रॉमा सेंटर के लाइसेंस सर्टिफिकेट की वैद्यता भी समाप्त मिली। ईएमओ के अलावा कोई डॉक्टर नहीं था। फार्मेसी का लाइसेंस भी नहीं दिखा सके।

एक अस्पताल को तत्काल बंद करने के निर्देश

दुबग्गा से बुद्धेश्वर रोड पर अपर नगर मजिस्ट्रेट सप्तम शैलेंद्र कुमार व डॉ. आरसी चौधरी ने आधा दर्जन से अधिक अस्पतालों में औचक निरीक्षण किया। मेडविन हॉस्पिटल में खामियां मिलने पर उसे तत्काल बंद करने के निर्देेश दिए। वहीं हरदोई से आईआईएम रोड पर अपर नगर मजिस्ट्रेट षष्ठम सूर्यकांत त्रिपाठी और डॉ. केडी मिश्रा के नेतृत्व में टीम ने कुल 12 अस्पतालों का निरीक्षण किया। इस दौरान सैफालिया आई केयर एंड हॉस्पिटल में डॉक्टर नहीं मिले। पंजीकरण की वैधता भी समाप्त हो चुकी थी। सम्राट हॉस्पिटल एंड ट्रॉमा सेंटर में न डॉक्टर था, और न ही उसके प्रबंधक अजीत रावत पंजीकरण दस्तावेज दिखा सके। श्री रमेश जन सेवार्थ हॉस्पिटल में बुधवती नाम की एक ही मरीज भर्ती थी और उसके इलाज के लिए भी योग्य डॉक्टर मौके पर मौजूद नहीं था। पंजीकरण के दस्तावेज भी संतोषजनक नहीं थे।

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -

Latest Articles