आज रात से ठप हो जाएगा रोडवेज बस संचालन, कर्मचारियों ने कर दिया है हड़ताल का एलान, जानिए उन्होंने क्यों उठाया यह कदम

देहरादून। चार महीने का बकाया वेतन न मिलने और वेतन आधा देने के परिवहन निगम के आदेश के विरोध में रोडवेज के सभी कर्मचारी संगठन 14 जुलाई की आधी रात से हड़ताल पर जा रहे हैं। मंगलवार को प्रबंधन के साथ हुई इनकी वार्ता विफल हो चुकी है। अब इस हड़ताल से बमुश्किल पटरी पर आई रोडवेज बसों के संचालन की व्यवस्था फिर से चौपट होना तय है।

परिवहन निगम में रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद ने विभिन्न मांगों को लेकर 14 जुलाई की रात से अनिश्चितकालीन हड़ताल का एलान किया है,अजबकि विभिन्न संगठनों के कर्मचारी संयुक्त मोर्चा ने 15 जुलाई की रात से 16 जुलाई तक 24 घंटे के अनिश्चितकालीन कार्यबहिष्कार का एलान किया है। 16 जुलाई की बैठक में आगे का फैसला लिया जाएगा। मंगलवार को निगम के एमडी अभिषेक रोहिला ने कर्मचारी संगठनों को वार्ता के लिए बुलाया था। वार्ता में किसी भी बिंदु पर सहमति नहीं बन पाई, जिसके बाद दोनों ही गुटों ने अपनी-अपनी हड़ताल की घोषणा पर अडिग रहने का एलान किया है।

उत्तराखंड रोडवेज कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के प्रदेश सचिव अशोक चौधरी ने बताया कि मंगलवार को उनकी दो दौर की बैठक हुई। पहली बैठक निगम प्रबंधन से हुई, जबकि दूसरी बैठक सचिवालय में परिवहन सचिव के साथ हुई। परिवहन सचिव ने बताया कि आधा वेतन सहित सभी प्रस्ताव बुधवार को होने वाली कैबिनेट की बैठक में रखे जाएंगे, जिसमें सकारात्मक निर्णय कराने का प्रयास किया जाएगा। इसके बाद भी बात नहीं बनी तो मोर्चा ने तय किया है कि बुधवार को होने वाली कैबिनेट बैठक के मद्देनजर वह 15 जुलाई को आईएसबीटी में बैठक करेंगे, तब तक 15 जुलाई की मध्य रात्रि से कार्यबहिष्कार का निर्णय यथावत रहेगा।

दो-दो मंत्रियों से मुलाकात के बाद भी नहीं बनी बात

रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रतिनिधिमंडल ने कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत और यतीश्वरानंद से भेंट की। उन्होंने निगम कर्मचारियों के साथ हो रहे भेदभाव के बारे में मंत्रियों को बताया। उन्होंने कहा कि एक ओर जहां सरकार गेस्ट टीचरों का वेतन बढ़ाने, उपनल कर्मचारियों का वेतन बढ़ाने का निर्णय ले रही है, तो उसके उलट परिवहन निगम में कर्मचारियों को आधा वेतन और ऋण सहकारी समिति की कर्मचारियों से पैसे की कटौती न करने का फैसला लिया है। उन्होंने दोनों मंत्रियों के सामने अपने मांगें रखी, जिस पर मंत्रियों ने उनसे हड़ताल न करने की अपील करते हुए मांगों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया।

हड़ताल से बस सेवा प्रभावित होने का खतरा

परिवहन निगम में इस समय जितनी भी कर्मचारी यूनियनें हैं, उन सभी ने हड़ताल का एलान कर दिया है। अभी तक किसी एक यूनियन के कर्मचारी बसें चलाते थे और दूसरी यूनियन हड़ताल करती थी लेकिन इस बार सभी यूनियनों के एकजुट होने की वजह से निगम की सांसें अटक गई हैं। हाल ही में निगम ने यूपी व अन्य राज्यों के लिए बस सेवा बहाल की है। निगम को कमाई की उम्मीदें भी बढ़ी हैं लेकिन अचानक कर्मचारियों की हड़ताल से बस सेवा प्रभावित होने का खतरा पैदा हो गया है।

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