बरेली में शिक्षकों को प्रधानमंत्री पर अभद्र टिप्पणी करने की छूट, मिलती है सिर्फ दिखावे की सजा

एनजेआर, बरेली। उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में अगर आप शिक्षक हैं तो आप किसी से भी अभद्रता कीजिये। चाहे वह देश के प्रधानमंत्री ही क्यों न हों। आपको खुली छूट है क्योंकि शिक्षा विभाग में पैसे देने की सेटिंग है तो कोई कार्रवाई नहीं होगी।
असल में ये हम नहीं खुद शिक्षा विभाग की करनी कह रही है। सरकारी कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री व गृहमंत्री पर सहायक अध्यापक ने अभद्र टिप्पणी की। आरोपी अध्यापक की बीएसए ने मात्र पांच महीने के अंदर ही बहाल कर दी। वो भी सवेतन। ऐसे में शिक्षा विभाग में रिश्वत के खेल से इनकार नहीं किया जा सकता।


2020, फरवरी में बीआरसी नवाबगंज में शिक्षक ट्रेनिंग थी। ट्रेनिंग के दौरान मंच पर चढ़ जूनियर हाईस्कूल परोथी के सहायक अध्यापक गिरीश चंद्र ने प्रधानमंत्री, गृह मंत्री, मुख्यमंत्री पर अभद्र टिप्पणी कर दी थी। इस पर 26 फरवरी को उन्हें निलंबित किया गया। विभाग ने बीईओ क्यारा को जांच अधिकारी नामित किया गया। जांच में शिक्षक ने अपनी गलती खुद स्वीकार की। जांच अधिकारी ने जून में उन्हें बचाव का एक अवसर दिया गया। 27 जुलाई को शिक्षक ने अपना पक्ष जांच अधिकारी के समक्ष रखा। इसके बाद बीएसए विनय कुमार ने गिरीश चंद्र को निलंबन तिथि से सवेतन बहाल कर उसी स्कूल में पदस्थ कर दिया। कर्मचारी आचरण नियमावली की धारा 7 के उल्लंघन का दोषी पाए जाने पर उनकी आगामी तीन वेतन वृद्धि रोक दी गई है। चेतावनी दी गई कि यदि भविष्य में ऐसा कोई कार्य होता है तो नियमानुसार कठोर दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी।

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*