आयुर्वेद का अलर्ट : सर्दियों में बढ़ जाएगा कोरोना, बचना है तो अभी से शुरू कर दें ऐसा करना।

न्यूज जंक्शन 24, हलद्वानी।

डब्ल्यूएचओ ने सर्दियों में एक बार फिर कोरोना का प्रकोप बढ़ने की चेतावनी दे दी है। उसकी वजह सर्दियों में होने वाले खांसी, सर्दी, बुखार को कारण बताया है। स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि जिस तरह कुछ महीनों पूर्व इसका प्रकोप जबरदस्त था उसी प्रकार सर्दी में भी यह अपना कहर ढाएगा। ऐसे में आपको सुरक्षित रखने के लिए आयुर्वेद विशेषज्ञों ने भी एडवाइजरी अभी से जारी कर दी है। ताकि लोग इसका पालन इस बदलते मौसम से ही शुरु कर दें। अभी से ऐसा करने से ही सर्दियों में आप कोरोना वायरस का मजबूती से सामना कर पाएंगे। इसके लिए आयुर्वेद विशेषज्ञों का कहना है कि एडवाइजरी का नियमित पालन करने से संक्रमण का खतरा काफी हद तक टाला जा सकता है।

तो फिर ऐसा करना शुरू कर दें

कुमाऊँ के वरिष्ठ आयूर्वेद विशेषज्ञ डॉ. विनय खुल्लर ने न्यूज जंक्शन 24 को विशेष बातचीत में बताया कि शरद ऋतु कफ का काल माना गया है। इधर, यह वायरस भी कफ और पित्त को ही सर्वाधिक प्रकोपित करता है। स्वांस संबंधी रोग बढ़ जाता है। इसलिए इसको लेकर ज्यादा सतर्कता बरतने की बात कही जा रही है। इसमें सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण यह है कि सूखी अदरक जिसे सुंठी कहते हैं। इसका चूर्ण सुबह-शाम शहद के साथ एक निश्चित मात्रा में रोजाना लेना है। यह भूख को बढ़ाने के साथ कफ का समन करता है। बीएचयू में इस पर शोध हो चुका है और काफी कारगर माना गया है।

—काली मिर्च का प्रयोग खाने में अथवा चाय में लेना न भूलें।
—अदरक का इस्तेमाल जरूर करना है।
—सुबह शाम काढ़ा पीना है। गर्म पानी पीते रहें।
—रात को सोते समय अणु तेल नासिका में डालकर सोएं।
—अश्वगंधा, गिलोए और स्वासारी वटी का इस्तेमाल नियमित दिनचर्या में ले आएं।
डॉ. खुल्लर का कहना है यह सब बिना चिकित्सक की सलाह के न करें। क्योंकि इन चीजों का सेवन हर शरीर की क्षमता के अनुसार ही कराया जाता है।

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