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बेटी की शादी के लिए अनोखा कदम, पहले दादा-दादी, माता-पिता, भाई-भाभी ने रचाया विवाह, फिर बेटी ने लिए फेरे

न्यूज जंक्शन 24, लखनऊ। प्रदेश के सोनभद्र जिले में एक एेसी शादी हुई है, जिसकी चर्चा अब दूर तक हो रही है। जहां एक ही मंडप में दादा-दादी, माता-पिता, भाई-भाभी के साथ बेटी की भी शादी रचाई गई (Unique marriage of daughter in Sonbadhra)। एक ही मंडप में तीन पीढ़ियों के छह जोड़ों की शादी की कहानी किसी फिल्मी कहानी से कम भी नहीं है। यह सब हुआ समाज में अपने रिश्तों को मान्यता दिलाने के लिए। इस आयोजन के पीछे परिवार की बेटी की पहल और परिवार में कई पीढ़ियों से हो रहे प्रेम विवाह को सामाजिक मान्यता न मिलने के दंश को खत्म करने की जिद रही।

मामला सोनभद्र के दक्षिणांचल स्थित दुद्धी तहसील के दिघुल गांव का है। गांव की सपना की शादी (Unique marriage of daughter in Sonbadhra) 25 अप्रैल को तय की गई थी। माता-पिता की तरफ से शादी की सभी तैयारियां भी पूरी कर ली गई थी, लेकिन इसी बीच लोगों में चर्चा शुरू हो गई कि सपना के परिवार में प्रेम विवाह करने की परंपरा बन गई थी। बड़े भाई, माता-पिता से लेकर दादा-दादी तक ने प्रेम विवाह किया था। लेकिन उनकी शादी में हिंदू रीति-रिवाज और उससे जुड़ी रस्म नहीं निभाई गई है। ऐसे में सामाजिक रिवाजों पर विश्वास करने वाले लोग उनसे दूरी बनाने लगे थे। इस कारण हिंदू रीति रिवाज से होने वाली सपना की शादी में कन्यादान की रस्म किसकी तरफ से निभाई जाएगी? इसको लेकर सवाल उठने शुरू हुए तो लोगों ने कहा कि जब पिता की शादी को समाज वैधानिक मान्यता नहीं देता तो वह पिता अपने बेटी का कन्यादान कैसे कर सकता है।

जब यह बात दुल्हन सपना तक पहुंची तो उसने यह कहते हुए शादी करने से मना कर दिया कि जब तक उसके माता-पिता, दादा-दादी और बड़े भाई की शादी सामाजिक रीति-रिवाज से नहीं होगी, तब तक वह भी शादी नहीं करेगी। यह सुनकर सपना के परिवार के लोग परेशान हो गए और बाद में बेटी की शादी (Unique marriage of daughter in Sonbadhra) की खातिर एक ही मंडप में सभी ने शादी करने का निर्णय लिया।

सबसे पहले दादा-दादी, फिर माता-पिता ने लिए फेरे (Unique marriage of daughter in Sonbadhra)

सपना की शादी के मंडप में से सबसे पहले दादा राम प्रसाद और दादी सुभगिया देवी ने सात फेरे लिए। उसके बाद सपना के माता-पिता और उसके बड़े भाई-भाभी ने हिंदू परंपरा के मुताबिक शादी (Unique marriage of daughter in Sonbadhra) की रस्म निभाई। सबसे आखिर में जाकर सपना की शादी हुई, जिसका कन्यादान पिता नंद कुमार ने किया।

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