spot_img

उत्तराखंड की खाद्य मंत्री रेखा आर्य फिर विवाद में, बरेली में कार्यक्रम के लिए सरकारी चिट्ठी पर बवाल

न्यूज जंक्शन 24, देहरादून। उत्तराखड सरकार में खाद्य मंत्री रेखा आर्य एक बार फिर से विवादों में घिरती नजर आ रही हैं। उनके लिए उन्हीं के विभाग का एक पत्र सोशल मीडिया में वायरल हो गया है (Rekha Arya letter for program in Bareilly)। जिसमें मंत्री के एक निजी कार्यक्रम में खाद्य विभाग के अधिकारियों को शामिल होने का आदेश दिया गया है। यह विभागीय पत्र एडिशनल कमिश्नर पीएस पांगती ने जारी किया है। यह स्थिति तब है जब राज्य में मॉनसून के चलते छुट्टियां रद्द की गई हैं और दूसरी तरफ खाद्य मंत्री के निजी कार्यक्रम के लिए उत्तराखंड से बाहर विभाग के अधिकारी कर्मचारियों को निमंत्रण दिया जा रहा है।

खाद्य विभाग के अपर आयुक्त पीएस पांगती की तरफ से लिए गए इस पत्र में कहा गया है कि खाद्य मंत्री के कार्यालय द्वारा जानकारी देने के बाद यह पत्र जारी किया जा रहा है। इसमें 4 अगस्त से 9 अगस्त तक श्री बाबा बनखंडी नाथ और आदरणीय परम गुरु श्री हरि गिरि जी महाराज राष्ट्रीय महामंत्री जूना अखाड़ा की कृपा से बाबा बनखंड़ी नाथ मंदिर जोगी नवादा बरेली में 108 शिवलिंग और मां बगलामुखी माता की प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इसमें विशाल भंडारे का कार्यक्रम होना है। बताया जा रहा है कि हज़ारों लोगों को भोजन कराने का यह कार्यक्रम खाद्य मंत्री रेखा आर्य व्यक्तिगत तौर पर करा रही हैं। एडिशनल कमिश्नर पीएस पांगती ने विभागीय पत्र जारी करते हुए अधिकारियों व कर्मचारियों को इस कार्यक्रम में मौजूद रहने को कहा है।

रेखा आर्य ने दिया यह जवाब

इधर रेखा आर्य (Rekha Arya letter for program in Bareilly) का कहना है कि यह व्यक्तिगत कार्यक्रम है, जिसे वह अपने खर्च से आयोजित करवा रही हैं। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम का निमंत्रण सभी के लिए है। कांग्रेस के आरोपों पर आर्या ने कहा कि कांग्रेस बुद्विहीन व भ्रमित हो चुकी है, इसलिए अनर्गल बयानबाज़ी कर रही है। उनका कहना है कि जिसको आना है वह अपनी मर्जी से आ सकता है। हालांकि, वह कहती हैं कि वह पता करेंगे कि यह पत्र किस स्तर पर लिखा गया है।

कांग्रेस ने सरकार को घेरा

अब इस पत्र के बहाने कांग्रेस ने सरकार पर हमला बोला है। कांग्रेस ने इस मामले में सरकारी सिस्टम के दुरुपयोग का आरोप लगाया हैं। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा का कहना है कि यह अंधेरगर्दी है। ‘जनता सब जानती है कि अधिकारियों को बुलाने की क्या मंशा है। सरकारी पदों का दुरुपयोग है।’ माहरा ने बताया कि वह तत्काल एक्शन के लिए मुख्यमंत्री को पत्र भेज चुके हैं।

से ही लेटेस्ट व रोचक खबरें तुरंत अपने फोन पर पाने के लिए हमसे जुड़ें

हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिए यहां क्लिक करें।

हमारे यूट्यब चैनल से जुड़ने के लिए यहां क्लिक करें।

हमारे टेलीग्राम ग्रुप से जुड़ने के लिए क्लिक करें।

हमारे फेसबुक ग्रुप से जुड़ने के लिए क्लिक करें।

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -

Latest Articles

error: Content is protected !!