Uttrakhand news : इस अस्पताल की स्टाफ नर्स मृत कोरोना मरीजों का मोबाइल चोरी कर ब्यायफ्रेंड को कर रही थी गिफ्ट, जांच में हुआ सनसनीखेज खुलासा

 

देहरादून : कोरोनाकाल में भी लोगों में कितनी संवेदनाएं मरी हुई हैं, इसकी बानगी देहरादून के मैक्स अस्पताल में सामने आई है। यहां कोरोनाकाल में दम तोड़ने वाले मरीजों का मोबाइल चोरी होता रहा। कइयों के तीमारदारों ने शिकायत की तो ध्यान नहीं दिया गया। अब एक मरीज के तीमारदार ने शिकायत को लगातार उठाया तो पुलिस भी एक्शन में आ गई। टीम गठित कर जांच की गई तो चौकाने वाला मामला खुलकर सामने आ गया। एक स्टाफ नर्स इस तरह की घटनाओं को अंजाम दे रही थी। जांच के बाद पता चला कि स्टाफ नर्स ने उक्त मरीज का मोबाइल चोरी किया था और उसे अपने ब्यायफ्रेंड को गिफ्ट कर दिया। पुलिस ने जांच में पकड़े जाने के बाद स्टाफ नर्स और उसके ब्याय फ्रेंड को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद स्टाफ नर्स के कई मामले सामने आए हैं। जिसमें पता चला है कि स्टाफ नर्स कई और मोबाइल चोरी कर चुकी है, साथ ही रेमडीसीवीर इंजेक्शन समेत महत्वपूर्ण दवाइयां भी जो चोरी हुई थीं, उसमें भी इसी का हाथ था।

मामला देहरादून के राजपुर थाना क्षेत्र में मैक्स अस्पताल का है। 18 मई को बसंत विहार निवासी अमनदीप गिल ने इस संबंध में पुलिस को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया कि उनके स्वास्थ्य खराब होने के कारण उनके पिता अवतार सिंह गिल को मैक्स अस्पताल देहरादून में भर्ती कराया गया था। उपचार के दौरान दिनांक आठ मई को उनकी मौत हो गई थी। मौत के बाद उनका मोबाइल फोन गायब मिला। मोबाइल में जरूरी डाटा आदि भी था।
इस पर पुलिस ने जांच की तो पता चला कि सैमसंग आँन 06 ब्लैक रंग का मोबाइल फोन अस्पताल से चोरी हो गया था। चोरी के संबंध में अस्पताल में सूचना देने के बावजूद प्रबंधन ने शिकायतकर्ता को टाल दिया। ना ही उसकी सूचना पुलिस को दी। अन्य भर्ती मरीजों के साथ भी ऐसी ही चोरी की घटना हो चुकी है। दूसरे मरीजों के परिजनों और नर्सों से पूछताछ में पता चला कि अस्पताल में चोरी की घटनाएं अक्सर होती रहती हैं। कई जीवन रक्षक दवा व रेमडेसीविर इंजेक्शन भी चोरी हो चुके हैं।
इस पर पुलिस अधीक्षक नगर ने एक टीम का गठन किया। जांच के दौरान पता चला कि चोरी किए गए मोबाइल पर दो नंबर चल रहे हैं। इनमें एक नंबर की आइडी राजकुमार पुत्र बाबूराम निवासी 258 नजीबाबाद, मंडी, बिजनौर, उत्तर प्रदेश तथा दूसरे मोबाइल नम्बर की आइडी सलमान अहमद पुत्र खुशनुद निवासी नगीना, मोहम्मदपुर त्रिलोक, बिजनौर उत्तर प्रदेश के नाम पर थी। एक नंबर बंद पाया गया। दूसरे नंबर पर सम्पर्क करने पर फोन उठाने वाले व्यक्ति ने अपना नाम सलमान अहमद पुत्र खुशनुद निवासी नगीना, मोहम्मदपुर त्रिलोक, बिजनौर उत्तर प्रदेश बताया।
पुलिस ने सलमान से बात की और विश्वास में लिया। उसने बताया कि वह देहरादून में इस समय राजपुर रोड स्थित जाखन में है। इस पर पुलिस ने उसे राजपुर रोड सांई मन्दिर के पास मिलने के लिए कहा। मौके पर पहुंचकर पुलिस ने सलमान को पकड़ लिया। उसके पास से अस्पताल से चोरी किया हुआ मोबाइल मिला।
पूछताछ में सलमान ने बताया कि उसकी गर्लफ्रेंड रूकइया ने अस्पताल से चोरी कर उसे मोबाइल दिया था। इस पर पुलिस ने रूकइया को मैक्स अस्पताल के पास से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में अभियुक्ता रूकइया ने अस्पताल से जीवनरक्षक दवाइयों व इंजेक्शन चोरी करने की बात भी स्वीकार की।
पूछताछ में सलमान ने बताया गया कि वह देहरादून एचडीएफसी लाइफ इन्श्योरेन्स में कार्यरत है। रूकइया मैक्स अस्पताल में काम करती है। रुकइया से उसकी छह साल से जान पहचान है। चोरी का मोबाइल लेने के बाद उसने सिम को निकालकर फेंक दिया था। किसी राजकुमार की आईडी का सिम इसमें डाल कर मोबाइल को चला रहा था। पकडे जाने के डर से मोबाइल को स्विच आफ कर दिया था।
रूकइया ने पूछताछ में बताया कि उसने नौ मई को अस्पताल से मोबाइल चुराया था। रूकइया ने बताया गया कि मैक्स अस्पताल से बडी-बडी चीजें व जीवनरक्षक दवायों (रेमडेसिवर), इंजेक्शन आदि व लोगों की कीमती सामान भी चोरी होते हैं। मैक्स अस्पताल प्रबंधन उनकी रिपोर्ट करने में कोई रूचि नहीं दिखाता है।

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