लॉकडाउन में खोली पीएफ की तंजोरी, सेवानिवृत्ति से पहले लोगों ने निकाल लिए 5.35 करोड़ रुपये

बरेली। लॉकडाउन में आर्थिक संकट गहराया तो लोगों
ने सेवानिवृत्ति के बाद के लिए जमा 5.35 करोड़ रुपये निकाल डाले। लगभग एक महीने में बरेली-मुरादाबाद मण्डल के 2400 कर्मचारियों ने पैसे निकाले हैं। सरकार की ढील के बाद भविष्य निधि खातों से पैसे निकालने वालों की संख्या बढ़ रही है।
संगठित क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए भविष्य निधि एक बड़ा सहारा होती है। आमतौर पर कर्मचारी सेवानिवृत्ति के बाद ही इसका इस्तेमाल करते हैं। कोरोना के चलते लॉकडाउन हुआ तो कर्मचारियों के ऊपर आर्थिक संकट मंडराने लगा। इसे देखते हुए सरकार ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत पीएफ के नियमों में ढील दे दी। नए नियम के बाद कर्मचारी अपने पीएफ खाते से 75 फीसदी धनराशि या फिर तीन महीने का वेतन जो भी राशि कम हो उसको निकाल सकते हैं। इस छूट के बाद पीएफ निकालने के लिए आवेदन की संख्या बढ़ गई। जिस पैसे को लोगों ने सेवानिवृत्ति के बाद, अपने बच्चों की पढ़ाई या शादी में खर्च करने की सोची थी उसे कोरोना के समय ही निकालना पड़ गया। अभी भी पीएफ आफिस में लगातार आवेदन आ रहे हैं। पीएफ आफिस तेजी से आवेदनों का निस्तारण कर रहा है।

दोनों पीएफ अंशदान देगी सरकार
लॉकडाउन के दौरान नियोक्ता और कर्मचारियों को
राहत देने के लिए सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। 100 से कम कर्मचारियों वाले ऐसे संस्थान जिनमें 90 फीसदी कर्मचारियों का वेतन 15000 रुपये से कम है उनका पीएफ अंशदान सरकार अपने पास से जमा करेगी। कर्मचारियों के पीएफ खाते में नियोजक और कर्मचारियों के हिस्से का अंशदान सरकार ही भरेगी।

2400 आवेदनों का किया निस्तारण
पीएफ कमिश्नर अंकुर गुप्ता ने बताया कि रीजनल ऑफिस बरेली के अंतर्गत 8 अप्रैल से 4 मई के बीच 2400 आवेदनों का निस्तारण किया गया। इस दौरान 5.35 करोड़ रुपये पीएफ खाताधारकों को दिए गए हैं। जो भी आवेदन आ रहे हैं उनका तेजी से निस्तारण किया जा रहा है। सरकार के निर्देश बाद केवाईसी के नियमों में भी ढील दी गई है।

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