पोस्टमार्टम हाउस में बिजली ही नहीं, इमरजेंसी लाइट में हुआ ऐसा ऑपरेशन

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एनजेआर, चम्पावत : हैरानी की बात है कि पोस्टमार्टम हाउस में बिजली का कनेक्शन ही नहीं है। यही कारण है कि डॉक्टर व परिजनों को काफी दिक्कतें हो रही हैं। बुधवार देर शाम एक पोस्टमार्टम में भी बड़ी परेशानी हुई। डीएम ने पोस्टमार्टम के लिए आदेश तो दे दिए, लेकिन पीएम के लिए दो घंटे लाइट का इंतजार करना पड़ा। जब लाइट नहीं आई तो इमरजेंसी लाइट जलाकर डॉक्टरों को मजबूरी में पोस्टमार्टम करना पड़ा। पोस्टमार्टम देरी से होने के कारण मृतक के परिजन आक्रोशित हो गए और हंगामा खड़ा कर दिया। इस पर पुलिस बल को भी बुलाना पड़ गया।लोहाघाट कर्णकरायत निवासी 30 वर्षीय अमित सिंह माहरा पुत्र स्व. श्याम सिंह माहरा ने अज्ञात कारणों के चलते विषाक्त पदार्थ खा लिया। जिला अस्पताल में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में लेकर करीब साढ़े पांच बजे पीएम के लिए भेज दिया। शाम पांच बजे के बाद पीएम नहीं होता है। लेकिन डीएम ने युवक का पीएम करने के आदेश दिए। करीब पौने छह बजे पीएमएस डॉ. आरके जोशी ने डॉ. वेंकटेश द्विवेदी को पीएम करने के लिए भेजा। डॉ. द्विवेदी पीएम हाउस पहुंचे तो वहां लाइट नहीं थी। बगैर लाइट के पीएम करना संभव नहीं था। इस पर डॉ. द्विवेदी ने पीएमएस को पूरी जानकारी दी। पीएमएस ने पहले सीएमओ फिर डीएम समेत अन्य अधिकारियों को फोन किया। डीएम ने तत्काल अन्य व्यवस्था करने को कहा। करीब दो घंटे इंतजार के बाद भी लाइट की व्यवस्था नहीं हुई तो परिजन भड़क गए। उन्होंने खूब हंगामा काटा। जिस पर डॉक्टर ने पुलिस बल को बुला लिया। जिसके बाद लोग शांत हुए। ईई ने कहा कि पोस्टमार्टम हाउस में लाइट कनेक्शन नहीं है। पुलिस ने इमरजेंसी लाइट की व्यवस्था की तब जाकर पोस्टमार्टम हुआ।

डॉक्टरों ने कहा-आगे से नहीं करेंगे पोस्टमार्टम
आक्रोशित भीड़ को देखते हुए डॉ. द्विवेदी काफी सहमे हुए हैं। उन्होंने इस संबंध में पीएमएस डॉ. जोशी के माध्यम से सीएमओ व डीएम को पत्र भेजा है। उन्होंने कहा कि अगर पीएम हाउस की व्यवस्थाएं नहीं सुधरती पोस्टमार्टम नहीं करेंगे।