लॉकडाउन में फैक्ट्री खोलने के मानक हैं कड़े, उद्योग तो खोले पर कारोबारी हैं डरे-डरे

बरेली। लॉकडाउन में उद्योग खोलने की अनुमति तो है लेकिन सरकार ने मानक इतने कड़े बना दिये कि उद्यमी कार्रवाई को लेकर डरे हुए हैं। जैसे-तैसे जरूरी मानक पूरे कर बरेली के कुछ छोटे उद्योगों में काम शुरू हो गया। पहले दिन इतना उत्पादन तो नहीं हुआ लेकिन उद्योग शुरू होने से फैक्ट्री मालिक और कर्मचारियों के चेहरे खिले खिले नजर आए।

परसाखेड़ा रोड नंबर एक पर स्थित सचित बेकर्स फैक्ट्री में टोस्ट बनने शुरू हो गए। फैक्ट्री मालिक मुस्तकीम ने बताया कि सरकार की नई गाइडलाइन के तहत 50 फीसदी से भी कम स्टाफ बुलाया जा रहा है। फैक्ट्री और कर्मचारियों को सेनेटाइज किया जा रहा है। सभी कर्मचारी मास्क पहनकर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए कार्य कर रहे हैं। लॉक डाउन से पहले टोस्ट की दो गाड़ियां जाती थी लेकिन अभी काम हल्का है। माल भी कम बन रहा है।

परसाखेड़ा रोड नम्बर एक पर स्थित आलम फूड के मालिक सैय्यद गुलजार आलम ने बताया कि लॉक डाउन से पहले 25 से 30 लोगों का स्टाफ था। अब 10 से 12 लोगों को ही काम पर बुला रहे हैं। सभी मास्क, ग्लब्स, कैप पहनकर काम कर रहै हैं। बाहर से आने वाले व्यक्ति के हाथों को सेनेटाइज किया जा रहा है। यहां नमकीन बनती है।

परसाखेड़ा में ही स्थित दुर्गा कन्फेक्शनरी के मालिक आशीष परचानी ने बताया कि हमारे यहां बेफर्स, बिस्किट बनते हैं। फैक्ट्री में 15-20 कर्मचारियों के ही रहने की व्यवस्था है। लॉक डाउन से पहले हमेशा ही लगभग 50 श्रमिक काम करते थे लेकिन अब मानकों का विशेष ध्यान रख रहे हैं।

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