बच्चों को स्कूल में ही सिखाया जाएगा कि कैसे पहचाने मिलावटी खाद्य पदार्थ


Lucknow. खाद्य पदार्थों में मिलावट के प्रति जागरूकता लाने के लिए स्कूलों में अभियान चलाया जाएगा। एफएसडीए यानी खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन स्कूली बच्चों को जागरूक करेगा। साथ ही स्कूलों के प्रबंधन को भी पोषक आहार, मिलावट आदि के बारे में जानकारी दी जाएगी।

एफएसडीए के मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी सुरेश कुमार मिश्रा ने बताया कि स्कूलों को अध्ययन सामग्री ऑनलाइन उपलब्ध कराई जाएगी। ई-मेल के जरिए भी ताजा भोजन, शरीर के लिए लाभदायक और नुकसानदायक भोजन के बारे में बताया जाएगा। स्कूलों से भी कहा गया है कि पढाई के दौरान बच्चों को इस बारे में जानकारी दें। इससे आने वाली पीढ़ी तो जागरूक होगी ही अपने परिवार के अन्य सदस्यों को भी करेगी।

मिलावट के खिलाफ क्या है एफएसडीए की योजना
मिलावटखोरों से निपटने के लिए एफएसडीए नियमित अभियान चला रहा है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी जनरल स्टोर से लेकर होटल, ढाबा, रेस्त्रां से नियमित नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेज रहे हैं। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि व्यापार मंडल, होटल-रेस्त्रां एसोसिएशनों के साथ कार्यक्रमों का आयोजन कर रहा है। इसमें बताया जा रहा है कि रंग, मिलावटी वस्तुएं शरीर को कितना नुकसान पहुंचातीं हैं। साथ ही पकड़े जाने पर क्या कार्रवाई हो सकती है।

जुर्माने से लेकर सजा तक का प्राविधान
खाद्य पदार्थों में मिलावट या उनके स्वास्थ्य के लिए ठीक न होने पर जुर्माने से लेकर सजा तक का प्राविधान है। मानकों को पूरा न करने पर या पैकेजिंग में गड़बड़ी में पांच लाख रुपए तक का जुर्माना हो सकता है। यदि नमूने असुरक्षित मिले तो न्यायिक मजिस्ट्रेट के यहां मुकदमा दर्ज किया जाता है।

खुद भी करा सकते हैं मिलावट की जांच
खाद्य पदार्थ में मिलावट का संदेह होने पर उपभोक्ता खुद उसके नमूने एफएसडीए की प्रयोगशाल में दे सकते हैं। एक हजार रुपए शुल्क अदा कर के यह जांच होगी। यदि जांच में गड़बड़ी पायी गई तो एफएसडीए आगे की कार्रवाई करेगा।

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