शिमला से बरामद हुई उत्तराखंड से अपहृत की गई किशोरी, आरोपी गिरफ्तार

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उत्तराखंड में एक किशोरी का अपहरण करने का मामला प्रकाश में आया है। इस मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी को ‌हिमांचल प्रदेश से गिरफ्तार कर लिया है। यह घटना टिहरी कैंपटी के दूरस्थ चकराता क्षेत्र के कानू गांव की है।

कैंपटी थानाध्यक्ष अमित शर्मा ने बताया कि बीती 11 अप्रैल को एक व्यक्ति ने तहरीर देकर बताया कि उसकी नाबालिक बहन 7 अप्रैल को अपनी बड़ी बहन के ससुराल जामसारी मसूरी के लिए निकली थी। लेकिन चार दिन बाद भी वह ना ही बहन के ससुराल पहुंची और ना ही अपने घर वापस आई। इसके बाद पुलिस ने आईपीसी की धारा 365 के तहत मुकदमा दर्ज कर खोजबीन शुरु की। पुलिस ने गुमशुदा नाबालिक के मोबाइल लोकेशन ट्रेस की तो उसकी लोकेशन कालसी चकराता क्षेत्र में मिली।

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पुलिस ने सर्विलांस के जरिए पता लगाया कि नाबालिक हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के चिढ़गांव लरोट आप में है। मामले की गंभीरता को देखते पुलिस ने महिला उप निरीक्षक नीलम कांस्टेबल राजेंद्र सिंह नेगी महिला कांस्टेबल मीणा तोमर की टीम को तलाशी अभियान चलाने के लिए भेजा पुलिस ने उसे चिढगांव रोड हिमाचल प्रदेश से सकुशल बरामद किया।

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उसे कोर्ट के निर्देश पर मेडिकल कराने के बाद नारी निकेतन देहरादून भेजा गया। कैंपिटी पुलिस ने मुकदमे में आईपीसी की धारा 363 और 366 की बढ़ोतरी भी की नाबालिक की कॉल डिटेल के आधार पर पता चला कि अभियुक्त अंकित ने ग्राम दरिया तहसील चकराता से उसे भगाया था। सोमवार को मुखबिर की सूचना और एक्टिव सर्विलांस के आधार पर पुलिस ने अभियुक्त को ग्राम कानून से गिरफ्तार किया है।