उद्योगपति आइसोलेशन में और रुद्रपुर में दर्ज हो गई दफ्तर गिराने की रिपोर्ट। बिना जांच कार्रवाई पर उठाये सवाल

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न्यूज जंक्शन 24, रुद्रपुर ।

हल्द्वानी निवासी कुमाऊं के प्रमुख उद्यमी भूपेश अग्रवाल ने अफसोस जताया है कि वह कोरोना संक्रमण के चलते होम आइसोलेशन में हैं और रुद्रपुर में उनके खिलाफ महिला बिल्डर्स की तहरीर पर बिना जांच के पाम ग्रीन कॉलोनी का दफ्तर गिराने का मुकदमा दर्ज हो गया। जबकि वह मौजूद होना तो दूर आरोप लगाने वाली महिला बिल्डर्स को जानते तक नहीं हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि महिला बिल्डर प्रिया शर्मा ने उनके व उनके परिजनों के खिलाफ फर्जी एफआईआर दर्ज कराई है। किसी भी जांच में यह साबित नहीं हो सकता है कि वह और उनके परिजन मौके पर मौजूद थे । उन्होंने कहा कि पुलिस पर पूरा भरोसा है कि उसकी निष्पक्ष जांच में फर्जी एफआईआर कराने वाली प्रिया शर्मा की सारी असलियत सामने आ जायेगी।
उन्होंने कहा कि जिस जमीन पर प्रिया शर्मा अपना आफिस बता रही हैं, उस जमीन का आज भी मालिकाना हक अग्रवाल परिवार का है । उन्होंने कहा कि यह हैरत की बात है कि पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने से पहले मामले की जांच तक नहीं की। श्री अग्रवाल का दावा है मुकदमें में भूपेश, रोहिताश अग्रवाल व विनय अग्रवाल की नामजदगी पूरी तरह से फर्जी है । पुलिस उनके आवास के आस-पास लगे सीसीटीवी फुटेज चेक करें और रुद्रपुर शहर के सीसीटीवी फुटेज चेक करें । इसके अलावा उनके मोबाइल नंबरों की लोकेशन से भी जांच की जा सकती है ।
श्री अग्रवाल ने कहा कि मुकदमे में छेड़छाड़ की धारा भी लगवाई गई है , जबकि वह आज तक प्रिया शर्मा से मिले तक नहीं हैं । उन्होंने कहा कि यह वही प्रिया शर्मा हैं जो एनएच-74 घोटाले में जेल में रह कर आई है । उनकी कारगुजारियों से सारे लोग परिचित हैं । उन्होंने बताया कि वह कोरोना संक्रमित थे और होम आइसोलेशन में थे। इसके प्रमाण भी पुलिस को मिल सकते हैं । कहा कि जो जमीन उनके नाम है उसी जमीन पर कब्ज़ा करने का उन पर मुकदमा दर्ज कराया जा रहा है । उन्होंंने कह कि प्रिया शरमा के आपराधिक इतिहास को पुलिस जानती है। एसआईटी जांच चल रही , छापा उनके यहां पड़ चुका है। पुुलिस को उनके आरोप की जाच कर

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