बदरीनाथ धाम में तीर्थ पुरोहित, पंडा समाज और स्थानीय लोगों में आक्रोश, इस व्यवस्था से रोष

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उत्तराखंड में चारधाम यात्रा शुरू हो गई है। इस बीच बदरीनाथ धाम में वीआईपी व्यवस्था लागू हो गई है। वहीं बामनी गांव को जाने वाले आम रास्ता भी बंद कर दिया गया है। इससे तीर्थ पुरोहित, पंडा समाज और स्थानीय लोग विरोध में उतर आए हैं। उन्होंने मंदिर परिसर के समीप ही प्रदर्शन करते हुए आक्रोश जताया।

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गौरतलब है कि रविवार की सुबह छह बजे वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ बदरीनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए थे। इस दौरान जय बदरीनाथ के जयघोष से संपूर्ण बदरीशपुरी गुंजायमान हो उठी। भगवान बदरीनाथ के दर्शन के लिए देर रात से ही तीर्थयात्री लाइन में खड़े हो गए थे। सुबह तक लाइन करीब दो किमी तक पहुंच गई थी।

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कपाटोद्घाटन के बाद से देर सायं तक करीब 20 हजार श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। तीर्थयात्रियों ने बदरीनाथ धाम में अखंड ज्योति के भी दर्शन किए। बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की प्रक्रिया तड़के चार बजे से शुरू हो गई थी। इस बीच धाम में वीआईपी व्यवस्था लागू हो गई है। वहीं बामनी गांव को जाने वाले आम रास्ता भी बंद कर दिया गया है। इससे तीर्थ पुरोहित, पंडा समाज और स्थानीय लोग विरोध में उतर आए हैं। उन्होंने इसे लेकर प्रदर्शन कर गुस्से का इजहार भी किया।