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Video वायरल-रिश्वत के लिए प्रसूता को नर्स ने भर्ती नहीं किया, भेद खुलने पर आशा को चप्पलों से पीट दिया

न्यूज जंक्शन 24, बरेली।

मामला क्योलड़िया सीएचसी का है जहां एक स्टाफ नर्स ने पहले एक प्रसूता के परिजनों से 5000 रुपये की रिश्वत मांगी जब मना किया तो उसे सरकारी अस्पताल में भर्ती करने से मना कर दिया। प्रसूता ने अस्पताल गेट पर बच्चे को जन्म दिया। मामला जब मीडिया की सुर्खियों में आया तो नर्स पर कार्रवाई की तलवार लटक गई। इससे झल्लाई नर्स ने प्रसूता को लाने वाली आशा को चप्पल से पीटा। इसका वीडियो वायरल होने के बाद सीएमओ ने सजा के तौर पर नर्स को कोविड अस्पताल बरेली भेज दिया है।

जिले की नवाबगंज तहसील के क्योलड़िया के जगतपुर गांव के लालाराम की पत्नी सावित्री को सोमवार रात प्रसव पीड़ा हुई थी। वह गांव की आशा के साथ एंबुलेंस से उसे प्रसव के लिए सीएचसी क्योलड़िया लेकर आई थी। अस्पताल में मौजूद स्टाफ नर्स विभा सिंह से उसे अस्पताल में भर्ती करने के लिए कहा लेकिन उसने परिजनों से पांच हजार रुपये देने के बाद ही उसे अस्पताल में भर्ती करने की बात कह दी। उसने पत्नी को भर्ती करने की मिन्नत की तो नर्स ने उसे अस्पताल से भगा दिया। इसके बाद वह पत्नी को प्रसव के लिए निजी अस्पताल ले जाने लगा तो उसने अस्पताल गेट पर ही बच्चे को जन्म दे दिया। बाद में पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर स्टाफ नर्स को लताड़ लगाई। इसके बाद प्रसूता और नवजात को अस्पताल में भर्ती कराया।

बुधवार को अस्पताल में प्रसूता के साथ ड्यूटी पर मौजूद आशा को गांव में हो रहे टीकाकरण में ड्यूटी पर जाना था। इसलिए उसने स्टाफ नर्स से ड्यूटी पर जाने के लिए कहा तो वह उससे अस्पताल में ही ड्यूटी की बात कहने लगी। इसको लेकर दोनों में कहासुनी हो गयी। बाद में आशा ने स्टाफ नर्स की फोन पर अस्पताल के डॉक्टर से बात करानी चाही तो उसने उसका मोबाइल जमीन पर पटक दिया और उसके मुंह पर कई चप्पलें जड़ दी। जैसे-तैसे लोगों ने उनमें बीचबचाव कराया। इस बीच किसी ने चप्पलें मारने का वीडियो बना लिया जो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। इस दौरान सीएचसी में खूब हंगामा भी हुआ।

विधायक की शिकायत के बाद स्टाफ नर्स का ट्रांसफर

प्रसूता के परिजनों की शिकायत के बाद सीएमओ ने स्टाफ नर्स विभा सिंह का सीएचसी से स्थानान्तरण कर बरेली के कोविड अस्पताल में तैनात कर दिया है। बताया जा रहा है कि विधायक केसर सिंह गंगवार ने भी इस मामले में सीएमओ को पत्र भेजकर स्टाफ नर्स पर कार्रवाई की मांग की थी। इधर, आशा ने नर्स पर कोई भी कार्रवाई से इंकार कर दिया है। आशा के पति ने बताया कि वह इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं करना चाहते हैं।

सीएमओ के आदेश पर स्टाफ नर्स का तबादला कर दिया गया है। साथ ही मामने में स्पष्टीकरण भी तलब किया गया है। वायरल वीडियो की जांच कराई जाएगी।
-डॉक्टर मो. मुगीस, सीएचसी अधीक्षक

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