वर्दी को दागदार करने वाले केलाखेड़ा थानाध्यक्ष समेत दोषी पुलिस कर्मी नपे, हाई कोर्ट की सख्ती के बाद इसलिए हुई कार्रवाई

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अमित सक्सेना, केलाखेड़ा : ढावा मालिक से मारपीट मामले में हाई कोर्ट की सख्ती ने पुलिस की काली करतूत को एक बार फिर उजागर कर दिया है। एसएसपी ने केलाखेड़ा थानाध्यक्ष समेत दोषी पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई कर दी है। पुलिस पर गाज गिर ही गई। उधम सिंह नगर के एसएसपी दलीप सिंह कुँवर ने केलाखेड़ा थाना अध्यक्ष ओम प्रकाश को लाइन हाजिर कर दिया है जबकि बेरिया दौलत चौकी के इंचार्ज प्रकाश चंद्र सहित दो सिपाहियों को सस्पेंड किया है। सितारगंज के एसएसआई प्रभात कुमार को केलाखेड़ा का नया थाना अध्यक्ष और मनोहर चंद्र को बेरिया दौलत चौकी का नया इंचार्ज बनाया गया है।

बता दें कि एसएसपी की इस कार्रवाई के पीछे हाईकोर्ट द्वारा फटकार लगाया जाना बताया जा रहा है। दरअसल केलाखेड़ा में नेशनल हाईवे पर पंडित ढावा है। जिसमें 28 जुलाई को चार-पांच पुलिस कर्मी पहुंचे और ढाबा मालिक के साथ न सिर्फ मारपीट की बल्कि एक कर्मचारी का मोबाइल फोन भी छीन लिया। बाद में उसी कर्मचारी को अपने साथ थाने लाए और चरस बरामदगी दिखा कर जेल भेज दिया। मारपीट कि यह घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, केलाखेड़ा पुलिस ने काली करतूत छिपाने के लिए और सीसीटीवी फुटेज को नष्ट कर दिया।

पीड़ित ढावा मालिक ने न्यायालय की शरण ले ली। जिस पर उत्तराखंड हाईकोर्ट ने पुलिस कर्मियों के विरुद्ध दायर याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई करते हुए उधम सिंह नगर एसएसपी को फटकार लगाई और पूंछा कि सीसीटीवी फुटेज क्यों डिलीट की गई साथ ही दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध अब तक क्या कार्रवाई की गई है। हाईकोर्ट की सुनवाई के बाद एसएसपी ने उक्त कार्रवाई की है। उधर, हाईकोर्ट ने इस घटना की जांच सीबीआई को दे दी है।

क्षेत्र में अवैध खनन को भी दे रखा था ओमप्रकाश ने संरक्षण

केलाखेड़ा थानाध्यक्ष ओमप्रकाश कानून व्यवस्था को लागू कराने की बजाय रसूखदारों के चंगुल में खेलने लगे थे। यही वजह थी कि क्षेत्र में अवैध खनन को पूरी छूट दे रखी थी। शिकायतों का निस्तारण तो बहुत दूर की बात थी, कई बार वह शिकायतें संबंधित माफिया के पास तक पहुंच जाती थीं।