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हार्टमन के छात्र प्रत्यूष ने बनाया ऐसे शहर का मॉडल, जहां प्रदूषण होगा ही नहीं

बरेली। हार्टमन कालेज के कक्षा नौ के छात्र ने एक ऐसे शहर का मॉडल तैयार किया है जिसमें लोगों को प्रदूषण की समस्या का सामना नहीं करना होगा। विटी सिटी मॉडल को स्कूल की तरफ से वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद में भेजा जाएगा। परिषद सर्वश्रेष्ठ मॉडलों को एक लाख रुपये तक का पुरस्कार देती है।  
 हार्टमन में कक्षा नौ के छात्र प्रत्यूष भारतीय ने यह मॉडल तैयार किया है। इसमें उन्होंने अपनी विज्ञान की शिक्षिका विनीता टंडन का सहयोग लिया। प्रत्यूष ने बताया कि इस शहर को भविष्य की आवश्यकताओं और चुनौतियों के आधार पर तैयार किया गया है। इस शहर के निर्माण में सबसे ज्यादा मेहनत प्रदूषण से निपटने में गई है। वायु प्रदूषण को कम करने के लिए सभी फैक्ट्रियों में ऊंची-ऊंची चिमनियों का प्रयोग किया है। ताकि जहरीली गैसें वातावरण के ऊपर हिस्से में पहुंचाई जा सकें। इससे निचले स्तर पर होने वाले प्रदूषण को काफी कम किया जा सकेगा। अभी तक अधिकांश फैक्ट्रियां कम ऊंचाई की चिमनियों का प्रयोग करती हैं। इससे जहरीली गैसें हवा में घुल जाती हैं। लोग सांस लेते हैं। उससे उन्हें दिक्कत होने लगती है। शहर में 30 से 40 फीसदी हिस्से तक में पौधरोपण किया गया है।

कूड़े और सीवेज का भी होगा निस्तारण : विज्ञान की शिक्षिका विनीता टंडन बताती हैं कि हमारे शहर में जल प्रदूषण को रोकने के लिए गंदे पानी को पीने योग्य पानी में मिलने से रोका जाएगा। डोमिस्टक और सीवेज ट्रीटमेंट से बायोमास एनर्जी पैदा की जाएगी। साथ ही इससे खाद भी बनाई जा सकती है।

अनुसंधान परिषद को जाएगा प्रोजेक्ट : हार्टमन कालेज के प्रधानाचार्य फादर पीटर विजय मिंज ने बताया कि प्रोजेक्ट को वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद के इनोवेशन पुरस्कार के लिए भेजा जाएगा। इस पुरस्कार के लिए 18 वर्ष उम्र तक के छात्र अपने नवाचारी प्रोजेक्ट को खुद भी भेज सकते हैं। पुरस्कार में एक लाख रुपये की नगद राशि दी जाती है।

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