युवतियों में हाई हील का चस्का घातक, खतरनाक बीमारी की हो रही शिकार

बरेली। खूबसूरत दिखने की चाहत में महिलाओं के सिर चढ़कर बोल रहा फैशन सेहत के लिए खतरा बन रहा है। हाई हील का चस्का महिलाओं को रोगी बना रहा है। लंबी दिखने की चाहत में महिलाएं कम उम्र में ही आर्थराइटिस जैसी जटिल बीमारी का शिकार हो रही हैं। विश्व आर्थराइटिस दिवस पर विशेष रिपोर्ट।
हाई हील्स के इस्तेमाल से बढ़ रहा मोटापा
हाई हील के इस्तेमाल से महिलाओं के पंजे पर जोर पड़ता है। पंजे पर दबाव के कारण महिलाओं के शरीर का अधिकांश भार आगे की ओर पड़ने लगता है। इससे पेट आगे निकलने लगता है। वहीं कमर पर दबाव पड़ने के कारण स्पाइनल की दिक्कत भी होती है। मसलन मोटापा बढ़ने लगता है।


डेढ़ इंच से अधिक ऊंची हील खतरनाक
बरेली के जाने-माने हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. विनोद पागरानी ने बताया कि हाई हील का नियमित रूप से व लंबी अवधि तक इस्तेमाल खतरनाक है। यदा-कदा एक से डेढ़ इंच तक हील का इस्तेमाल किया जा सकता है। डेढ़ इंच से ज्यादा हील से पंजे, जोड़ों, जांघ, रीढ़ की हड्डी व नसों पर दबाव पड़ता है।
युवतियों में मामले अधिक
डॉ. विनोद पागरानी नेे बताया कि आर्थराइटिस की समस्या पुरुषों की तुलना में महिलाओं में अधिक होती है। वहीं, किशोरियों और युवतियों में इसके मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। 18 से 35 आयु वर्ग में आर्थराइटिस के मामले काफी तेजी से बढ़ रहे हैं।
आर्थराइटिस को जानें
बीमारी : आर्थराइटिस
कारण : इम्यून सिस्टम का कमजोर होना, मोटापा, लंबी अवधि तक खड़े रहना या वजन उठाना, ठीक ढंग से न चलना, अत्यधिक ऊंची हील का लगातार इस्तेमाल आदि
लक्षण : जोड़ों में तेज दर्द, पैरों की मांस-पेशियों में खिंचाव, जोड़ों का सख्त होना, पैरों में सूजन आदि
बचाव : हील्स का इस्तेमाल कम करें, संयमित आहार लें, व्यायाम और मॉर्निंग वॉक जरूर करें, आरामदायक फुटवियर का ही इस्तेमाल करें

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