मां पूर्णागिरि के धाम में jio ने शुरू की 4G सेवा, cm तीरथ ने जताया मुकेश अंबानी का आभार

देहरादून/पूर्णागिरी। जियो ने चंपावत के मां पूर्णागिरि धाम में अपनी 4-जी वॉयस और डेटा सेवाएं शनिवार से शुरू कर दीं। मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने शनिवार को इन सेवाओं के शुरुआत की वचुर्अल घोषणा की। पूर्णागिरि मंदिर क्षेत्र में 4 जी सेवाएं प्रदान करने वाला रिलायंस जियो पहला ऑपरेटर है।

तीरथ ने जियो के मालिक मुकेश अंबानी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि कोरोना काल में मोबाइल डेटा कनेक्टिविटी छात्रों के लिए, व्यापार और पर्यटन के लिए अति महत्वपूर्ण है। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की कि जियो ने लगभग सभी प्रमुख तीर्थस्थलों को 4जी कनेक्टिविटी से जोड़ दिया है।

जियो, उत्तराखंड के दूरस्थ और दुर्गम इलाकों में कनेक्टिविटी पहुंचाने का काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि आज बॉर्डर पर रहने वाले और दूरस्थ छोटी आबादी में रहने वाले लोग भी 4जी नेटवर्क से जुड़े हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने राज्य परिवहन की बसों से इस पावन धाम दर्शन के लिये आने वाली माता और बहनों को निशुल्क यात्रा की सुविधा भी उपलब्ध कराई है।
कम्पनी के स्टेट हेड विशाल अग्रवाल ने बताया कि इससे पहले रिलायंस जियो, उत्तराखंड में चार धाम, श्री हेमकुंड साहिब, श्री नीलकंठ महादेव मंदिर -ऋषिकेश, मनसा देवी मंदिर -हरिद्वार, गुरुद्वारा श्री नानकमत्ता साहिब -नानकमत्ता, पिरान कलियर शरीफ़ -रुड़की, त्रियुगी नारायण मंदिर -रुद्रप्रयाग, कसार देवी मंदिर -अल्मोड़ा, बागनाथ मंदिर -बागेश्वर और गौरीकुंड सहित कई अन्य महत्वपूर्ण मंदिरों और तीर्थक्षेत्रों को अपने 4जी नेटवर्क से जोड़ चुका है।

उल्लखनीय है कि 2०19 में उत्तराखंड सरकार ने रिलायंस जियो के साथ प्रदेश के धार्मिक स्थलों को डिजिटल कनेक्टिविटी प्रदान करने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। तबसे रिलायंस जियो उत्तराखंड के तीर्थ स्थलों को अपने विश्व स्तरीय 4 जी नेटवर्क से लगातार जोड़ रहा है।

आज जिस पूणार्िगरि धाम में नेटवर्क शुरू हुआ है, वह टनकपुर में अन्नपूणार् शिखर पर 55०० फीट की ऊँचाई पर है। मंदिर की गिनती 1०8 सिद्ध पीठों में होती है। वैसे तो पूरे वर्ष ही पूणार्िगरि मंदिर में भक्तों का मेला लगा रहता है पर नवरात्रों में यहां विशेष मेले का आयोजन किया जाता है। एक माह तक चलने वाला मेला 3० मार्च से शुरू हो गया है। अब तक हजारों भक्त मंदिर में माथा टेक चुके हैं।

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