उत्तराखंड में अब महंगी होगी जंगल सफारी व फोटोग्राफी, इनके भी दाम बढ़ेंगे, इतने प्रतिशत शुल्क बढ़ाने का है प्रस्ताव

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न्यूज जंक्शन 24, देहरादून। प्रदेश में ईको टूरिज्म के तहत आने वाली पर्यटन गतिविधियां अब महंगी होने जा रही है (jungle safari and photography will be expensive in Uttarakhand)। एक रिपोर्ट के मुताबिक, वन विभाग ने अगले महीने से अपने सभी गेस्ट हाउस में ठहरने और जंगल सफारी का दाम बढ़ाने का निर्णय लिया है। विभाग ने इसके लिए शासन को प्रस्ताव भेजा दिया है। अगर प्रस्ताव पर मुहर लगती है तो एेसा 13 साल बाद होगा, जब ईका टूरिज्म के दाम बढ़ाए जाएंगे।

रिपोर्ट में कहा गया है कि वन विभाग ने पांच से 10 प्रतिशत तक शुल्क बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार किया है। दूसरी तरफ फिल्म, डॉक्युमेंट्री निर्माण, पर्वतारोहण जैसी गतिविधियों का शुक्ल घटाया भी जा सकता है। प्रदेश में छह राष्ट्रीय उद्यान, सात वन्य जीव विहार और चार संरक्षित वन क्षेत्र हैं। इसके अलावा वन क्षेत्रों में 14 ईको टूरिज्म क्षेत्र हैं। जहां वर्षभर पर्यटकों की आमद रहती है। इनमें वन्य जीव सफारी, कैंपिंग, हाईकिंग, बर्ड वॉचिंग, एंग्लिंग, नेचर वॉक, बटरफ्लाई वॉचिंग और ग्रामीण पर्यटन गतिविधियां संचालित की जाती हैं। वित्तीय वर्ष 2021-22 में प्रदेश सरकार को ईको टूरिज्म और पर्यावरण आधारित पर्यटन से कुल 17.38 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। इसमें सबसे अधिक कमाई कॉर्बेट टाइगर रिजर्व ने करके दी है।

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मुख्य वन संरक्षक ईको टूरिज्म डॉ. पराग मधुकर धकाते ने बताया कि जिन गतिविधियों में शुक्ल बढ़ाया जा सकता है, उनमें गेस्ट हाउस में रात्रि विश्राम, वाइल्ड लाइफ सफारी, एंग्लिंग, वाहनों की एंट्री, फोटोग्राफी, प्रतिव्यक्ति एंट्री शुक्ल आदि शामिल हैं। इसके अलावा कुछ ट्रैकिंग रूट, बर्ड वाचिंग, नेचर ट्रैल आदि पर पहली बार शुक्ल लगाया जा सकता है (jungle safari and photography will be expensive in Uttarakhand।

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प्रदेश के ईको टूरिज्म क्षेत्र

धनोल्टी ईको पार्क (टिहरी), सिमतोला ईको पार्क (अल्मोड़ा), कौड़िया ईको पार्क (टिहरी), लच्छीवाला नेचर पार्क (देहरादून), नीर झरना (ऋषिकेश), हिमालय बॉटेनिकल गार्डन (नैनीताल), संजय वन (हल्द्वानी), चौरासी कुटिया (राजाजी टाइगर रिजर्व), जीबी पंत हाई एल्टीट्यूड जू (नैनीताल), देहरादून जू-हर्बल गार्डन, ईको पार्क (मुनस्यारी), कॉर्बेट म्यूजियम (कालाढूंगी), कॉर्बेट फॉल (रामनगर), बराती राव (रामनगर)।

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