कैबिनेट का फैसला : स्कूल बस और मालवाहनों को तीन महीने तक टैक्स में छूट। जानें और क्या-क्या मिला

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न्यूज जंक्शन 24, देहरादून।

उत्तराखंड सरकार की गुरुवार को हुई कैबिनेट की बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगाई गई। इसमें सबसे बड़ा फैसला स्कूल बसों और मालवाहनों को परमिट नवीनीकरण में तीन महीने के टैक्स में छूट देने का लिया गया है।
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में हुई बैठक में करीब 32 प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। जिसमें विधानसभा अध्यक्ष और उपाध्यक्ष इनकम टैक्स भरेंगे। पुलिस घुड़सवार नियमावली को मंजूरी दी गई।बैठक में उत्तराखंड तकनीकी विश्व विद्यालय का नाम माधोसिंह भंडारी के नाम पर करने की घोषणा की गई। पेयजल निगम के सलाहकार व एमडी पद के लिए नियमावली बना दी गई। अभी तक उप्र नियमाबली पर काम हो रहा था। संस्कृति निदेशालय में महानिदेशक के पद को सृजित कर दिया गया है। लोक निर्माण विभाग में संविदा कनिष्ठ अभियंता वेतन बढ़ा दिया गया है, यह बढोत्तरी 15 से 24 हजार रुपये तक की है।
बैठक में पूर्व सैनिकों में जेसीओ रेंक से नीचे वाले या उनकी विधवाओं को हाउस टैक्स में माफी दी गई है।
एमएसएमई में भारत सरकार द्वारा किये गए बदलाव को राज्य सरकार ने लागू कर दिया है। सबसे महत्वपूर्ण फैसला कोविड -19 के चलते स्कूल बसों और मालवाहक वाहनों के परमिट नवीनीकरण में 3 महीने तक टैक्स को छूट देने का है।
केबिनेट ने केदारनाथ पैदल मार्ग में भूमि अधिग्रहण के बदले ज़मीन का भूमि अधिकार देने को मंजूरी दे दी है।
इसके अलावा सार्वजनिक स्थानों पर मास्क नहीं पहनने को जुर्माने के प्रविधान के लिए विधेयक लाने का ऐलान किया गया।
मसूरी में राज्य अतिथि ग्रह के लिए राधा भवन की भूमि अधिग्रहण करने से कैबिनेट ने मना कर दिया।

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