कांवड़ यात्रा के लिए उत्तराखंड सरकार का यू-टर्न, खत्म की यह अनिवार्यता, श्रद्धालुओं के लिए नए निर्देश

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# Registration mandatory for Kanwar Yatra ends
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न्यूज जंक्शन 24, देहरादून। कांवड़ यात्रा शुरू होने से पहले उत्तराखंड सरकार ने यू-टर्न ले लिया है। इस बार कांवड़ यात्रा को लेकर पहली बार अनिवार्य रजिस्ट्रेशन की घोषणा की गई थी। लेकिन, अब सरकार ने यू-टर्न लेते हुए फिलहाल कांवड़ यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन की अनिवार्यता खत्म कर दी है (Registration mandatory for Kanwar Yatra ends)। बता दें कि यह कांवड़ यात्रा कोरोना काल के दो साल बाद आयोजित होने जा रही है।

कांवड़ यात्रा 14 जुलाई से ही शुरू हो जाएगी। कानून व्यवस्था और सुरक्षा कारणों के चलते पहली बार कांवड़ यात्रियों के लिए ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था की गई है। हालांकि, इसकी अनिवार्यता फिलहाल नहीं रखी गई है (Registration mandatory for Kanwar Yatra ends)। यही कारण है कि अभी तक मात्र ढाई हजार से कुछ अधिक श्रद्धालुओं ने रजिस्ट्रेशन कराया है। बताया जा रहा की यह संख्या अगले 24 से 48 घंटों में रफ्तार पकड़ेगी। यात्रा को लेकर उत्तराखंड पुलिस तैयारियों को अंतिम रूप दे रही है। हरिद्वार-ऋषिकेश और नीलकंठ जैसे धामों में 10,000 से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। इसके अलावा मुख्य मार्गों और प्रदेश के बॉर्डर इलाकों सहित अन्य धार्मिक स्थलों में भी अतिरिक्त फोर्स डिप्लॉय की गई है।

कांवड़ मेले की सुरक्षा व्यवस्था में आतंकरोधी गुलदार दस्ता भी तैनात किया जाएगा। हरकी पैड़ी और आसपास के संवेदनशील स्थानों पर दस्ते के कमांडो की तैनाती होगी। अक्सर हरिद्वार और इसके आसपास महत्वपूर्ण स्थानों पर आतंकी घटनाओं की धमकी भी मिलती रही है। इसी के मद्देनजर कांवड़ मेले में महत्वपूर्ण स्थानों पर एटीएस कमांडो यानी गुलदार दस्ते को तैनात किया जाएगा।

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